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भारत–यूरोपीय संघ की ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ क्या है?

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच जिस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बात हो रही है, उसे इसलिए ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है क्योंकि

  • यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे व्यापक व्यापारिक डील होगी
  • इसमें सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, क्लाइमेट, डिफेंस और रणनीतिक सहयोग भी शामिल है
  • यह डील 27 यूरोपीय देशों के समूह के साथ होगी, जो अपने आप में बहुत बड़ा बाजार है

यह बातचीत दशकों से अटकी हुई थी, अब जाकर फाइनल स्टेज पर पहुंची है।


📅 अगले 5 दिन क्यों बेहद अहम हैं?

🔹 24 जनवरी

  • EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दिल्ली पहुंचेंगी
  • शाम को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात

🔹 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस)

  • EU के टॉप लीडर्स मुख्य अतिथि के रूप में परेड में शामिल होंगे
  • यह संकेत है कि भारत–EU रिश्ते अब सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी बन चुके हैं

🔹 27 जनवरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाई-लेवल मीटिंग
  • इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में
    • ट्रेड
    • टेक्नोलॉजी
    • जलवायु परिवर्तन
    • रणनीतिक सहयोग
      पर ठोस नतीजों की घोषणा संभव

🔹 28 जनवरी

  • राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद EU प्रतिनिधिमंडल की वापसी

💼 इस FTA से भारत को क्या फायदा?

1️⃣ व्यापार और एक्सपोर्ट

  • यूरोप भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है
  • FTA के बाद
    • टैरिफ कम होंगे
    • भारतीय प्रोडक्ट्स (टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो, IT, एग्री प्रोड्यूस) को यूरोपीय बाजार में आसान एंट्री मिलेगी

2️⃣ अमेरिका पर निर्भरता कम

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका की ओर से ऊंचे टैरिफ और दबाव की वजह से
    • भारत के लिए यूरोप एक मजबूत वैकल्पिक मार्केट बनेगा
  • इससे भारत की नेगोशिएटिंग पावर भी बढ़ेगी

3️⃣ निवेश और नौकरियां

  • यूरोपीय कंपनियों का भारत में
    • मैन्युफैक्चरिंग
    • ग्रीन एनर्जी
    • सेमीकंडक्टर
    • EV सेक्टर
      में निवेश बढ़ेगा
  • इसका सीधा असर रोजगार सृजन पर पड़ेगा

🛡️ डिफेंस और सिक्योरिटी में ऐतिहासिक कदम

अगले हफ्ते:

  • राजनाथ सिंह और EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास
  • एक बड़े सुरक्षा और रक्षा समझौते पर साइन करेंगे

इसमें क्या शामिल होगा?

  • समुद्री सुरक्षा (Indian Ocean पर खास फोकस)
  • साइबर डिफेंस
  • आतंकवाद विरोधी सहयोग
  • Security of Information Agreement (SOIA)
    → जिससे संवेदनशील रक्षा जानकारी साझा करना आसान होगा

यह भारत–EU रिश्तों को ट्रेड से आगे ले जाकर सुरक्षा साझेदारी में बदल देता है।


🌍 यूक्रेन युद्ध और भारत की भूमिका

EU नेताओं का मानना है कि:

  • यूक्रेन युद्ध अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि यूरोप के अस्तित्व का संकट बन चुका है
  • EU चाहता है कि
    • भारत अपने रूस के साथ पुराने रिश्तों का इस्तेमाल कर
    • युद्ध रोकने में मध्यस्थ की भूमिका निभाए

यह भारत की ग्लोबल डिप्लोमैटिक वैल्यू को दिखाता है।


🧠 कुल मिलाकर क्यों है ये डील “गेम चेंजर”?

✔ भारत को नया, स्थिर और बड़ा बाजार
✔ अमेरिका–चीन दबाव के बीच स्ट्रैटेजिक बैलेंस
✔ डिफेंस, टेक्नोलॉजी और क्लाइमेट में गहरी साझेदारी
✔ भारत की छवि एक ग्लोबल पावर ब्रिज के रूप में मजबूत

इसीलिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे सही ही कहा है –
👉 “मदर ऑफ ऑल डील्स”

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