
रायपुर। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित एम्स (AIIMS) रायपुर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे शुरू होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम के जरिए देशभर के लाभार्थियों और कार्यक्रम स्थलों को संबोधित करेंगे।
इस अवसर पर केंद्र सरकार देशभर के पात्र लाभार्थियों के लिए करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी करेगी। यह राशि रोजगार को बढ़ावा देने और औपचारिक क्षेत्र में नए रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से दी जा रही है।

देशभर के 200 से अधिक केंद्रों पर होगा आयोजन
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित यह कार्यक्रम केवल रायपुर तक सीमित नहीं रहेगा। देशभर में 200 से अधिक केंद्रों पर एक साथ इसका आयोजन किया जाएगा। सभी केंद्र प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन से जुड़ेंगे और एक साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा।
एम्स रायपुर भी इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का प्रमुख आयोजन स्थल होगा, जहां बड़ी संख्या में लाभार्थी, युवा, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
नए कर्मचारियों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थानों और विभागों में चयनित नए कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इसके माध्यम से युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का संदेश दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने से न केवल युवाओं को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी।
ये जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद
एम्स रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से—
- वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन
- वित्त मंत्री ओपी चौधरी
- सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का उद्देश्य देश में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना, निजी एवं संगठित क्षेत्र में नई नियुक्तियों को प्रोत्साहित करना तथा युवाओं को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ना है। योजना के माध्यम से नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक रोजगार का सृजन हो सके।
केंद्र सरकार का मानना है कि इस पहल से रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, युवाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।



