छत्तीसगढ़

CG Weather Today : जन्माष्टमी पर रायपुर में बारिश की संभावना, अगले दो दिन ऐसा रहेगा मौसम, कई इलाकों में गरज-चमक का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का असर अब भी बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है, वहीं कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में मानसून सक्रिय है, हालांकि 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। इसके बावजूद कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह साफ होने के आसार नहीं हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। खासकर उन इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है, जहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

CG Weather Today : जन्माष्टमी पर रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर राजधानी रायपुर में मौसम मेघमय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 4 सितंबर को रायपुर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। दिन में एक-दो बार बारिश या फिर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ऐसे में जन्माष्टमी के दौरान शहर में मौसम सुहावना रह सकता है, लेकिन बारिश के कारण लोगों को आवाजाही के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। इसलिए खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

प्रदेश में मानसून की स्थिति कैसी है?

छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद मौसमी सब-डिविजन के स्तर पर बारिश सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से कई क्षेत्रों में पानी की स्थिति बनी हुई है।

लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई है। वहीं नदी और नालों में पानी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन पूरी तरह बारिश से राहत मिलने की संभावना फिलहाल नहीं है।

CG Weather : बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। सरगुजा और रायपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी हुई।

इस दौरान जगदलपुर में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश और बादल छाए रहने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली है।

गुरुवार को इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पोंडी बचरा में सबसे ज्यादा 14 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा:

  • कुसमी: 8 सेमी
  • दावरा कोचली: 6 सेमी
  • राजपुर: 5 सेमी
  • बिलासपुर: 5 सेमी
  • सूरजपुर: 5 सेमी
  • रामचंद्रपुर: 5 सेमी
  • जनकपुर-भरतपुर: 4 सेमी
  • रामानुजगंज: 4 सेमी
  • बिहारपुर: 4 सेमी
  • प्रेमनगर: 4 सेमी

वहीं अंबिकापुर, कोटाडोल, प्रतापपुर, गिधौरी तुंदरा, दरिमा, बेलगहना, सोनहत, बिल्हा, पामगढ़, खड़गवां, लटोरी, उदयपुर और रघुनाथ नगर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा बोदरी, बसना, लवन, शंकरगढ़, पटना, सकरी, चलगली, कुकदुर, कसडोल, पिथौरा, पचपेड़ी, बोदला और लखनपुर में 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। प्रदेश के अधिकांश अन्य स्थानों पर इससे कम बारिश हुई।

क्या है मौसम का सिनोप्टिक सिस्टम?

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र 3 सितंबर तक उसी क्षेत्र में सक्रिय बना हुआ था। इसके साथ एक चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है।

मौसम प्रणाली के अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तर-मध्य प्रदेश के क्षेत्रों से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा श्री गंगानगर, रोहतक, फतेहगढ़, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से होते हुए डाल्टनगंज, दीघा तथा वहां से पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन के प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

4 सितंबर के बाद बारिश की रफ्तार हो सकती है धीमी

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 4 सितंबर से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी।

कुछ जिलों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं कुछ स्थानों पर वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।

इसलिए आने वाले दो दिनों में मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचना बेहतर होगा।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम का अपडेट

बारिश की यह स्थिति खेती-किसानी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। जिन क्षेत्रों में लंबे समय से बारिश की जरूरत थी, वहां हुई बारिश से फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि लगातार या अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।

किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

मौसम विभाग की सलाह

गरज-चमक और वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और आंधी के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा। नदी-नालों और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से भी बचना चाहिए।

कुल मिलाकर, जन्माष्टमी पर रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बादल और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 4 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

Related Articles

Back to top button