8th Pay Commission Update: मोदी सरकार तक पहुंची पुराने पेंशनर्स की बड़ी मांग, 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर कर्मचारियों की पेंशन बढ़ेगी?

8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है। इसी बीच 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन संशोधन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण मांग केंद्र सरकार तक पहुंची है। दो प्रमुख कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में बदलाव की मांग की है, ताकि पुराने पेंशनर्स की पेंशन समीक्षा को भी आयोग के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया जा सके।
इस मामले में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने दोनों संगठनों के ज्ञापनों को अंतिम विचार और उचित कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) को भेज दिया है। DoPT की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम के बाद पेंशनर्स की इस मांग को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

हालांकि, यहां यह समझना बेहद जरूरी है कि अभी पुराने पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने का कोई सरकारी फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल यह मांग संबंधित विभाग के विचाराधीन है।
किन संगठनों ने रखी पुराने पेंशनर्स की मांग?
8वें वेतन आयोग के ToR में पुराने पेंशनर्स को शामिल करने की मांग को लेकर दो संगठनों ने केंद्र सरकार के समक्ष ज्ञापन दिया है।
पहला संगठन ऑल इंडिया RMS, MMS एंड पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन है। संगठन के महासचिव गिरिराज सिंह ने 30 जुलाई 2026 को इस संबंध में आवेदन दिया था।
दूसरा संगठन ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लाइज फेडरेशन है। इसके महासचिव सी. श्रीकुमार ने 4 अगस्त 2026 को ज्ञापन सौंपकर पुराने पेंशनर्स की पेंशन संशोधन की मांग उठाई।
इसके बाद DoPT ने 18 अगस्त 2026 के ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए दोनों ज्ञापनों को आगे की उचित कार्रवाई के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेज दिया।
क्या है पेंशनर्स की मुख्य मांग?
पेंशनर्स संगठनों की मुख्य मांग 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference यानी ToR में संशोधन करने की है।
संगठनों का कहना है कि आयोग को केवल वर्तमान कर्मचारियों के वेतन और भविष्य में रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन का भी संशोधन आयोग के स्पष्ट दायरे में होना चाहिए।
पेंशनर्स संगठनों का तर्क है कि जब वेतन आयोग वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े मामलों की समीक्षा करता है, तो पुराने पेंशनर्स को इससे बाहर रखना उनके साथ असमान व्यवहार हो सकता है।
इसीलिए संगठन चाहते हैं कि सरकार 8वें वेतन आयोग के ToR में स्पष्ट प्रावधान करे, जिससे पुराने पेंशनर्स की पेंशन भी आयोग की समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बन सके।
क्या 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन बढ़ गई?
नहीं।
यह इस पूरे अपडेट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। DoPT द्वारा पेंशनर्स संगठनों के ज्ञापन को व्यय विभाग के पास भेजने का अर्थ केवल इतना है कि उनकी मांग को संबंधित विभाग के विचार के लिए आगे बढ़ाया गया है।
इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सरकार ने पुराने पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
फिलहाल:
- पुराने पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने का कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
- 8वें वेतन आयोग के ToR में अभी इस मांग के अनुरूप बदलाव नहीं हुआ है।
- नए Fitment Factor की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
- कोई नया Pension Formula घोषित नहीं किया गया है।
- अतिरिक्त पेंशन लाभ को लेकर भी सरकार की ओर से कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
इसलिए पेंशनर्स को इस खबर को मांग और प्रक्रिया से जुड़ा अपडेट समझना चाहिए, न कि पेंशन बढ़ोतरी की अंतिम मंजूरी।
पेंशनर्स ने चौथे वेतन आयोग का उदाहरण क्यों दिया?
अपनी मांग के समर्थन में पेंशन संगठनों ने चौथे वेतन आयोग का उदाहरण भी दिया है।
संगठनों के अनुसार, 8 नवंबर 1985 को वित्त मंत्रालय ने चौथे वेतन आयोग के Terms of Reference में संशोधन किया था। उनका तर्क है कि उस समय पुराने और नए पेंशनर्स के बीच पेंशन व्यवस्था को लेकर समीक्षा का दायरा निर्धारित किया गया था।
इसी उदाहरण के आधार पर पेंशनर्स संगठन चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग में भी पुराने पेंशनर्स की पेंशन समीक्षा को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।
संगठनों का मानना है कि इससे लंबे समय से पेंशन प्राप्त कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी नए वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
ToR क्या होता है और इसका इतना महत्व क्यों है?
Terms of Reference (ToR) को आसान भाषा में वे शर्तें और दायरा माना जा सकता है, जिनके आधार पर वेतन आयोग काम करता है।
यानी सरकार आयोग को किन विषयों की समीक्षा करनी है, किन कर्मचारियों या पेंशनर्स को उसके दायरे में रखना है और किन मुद्दों पर सिफारिशें देनी हैं, इसका निर्धारण ToR के जरिए किया जाता है।
इसी वजह से पेंशनर्स संगठनों की मांग है कि यदि पुराने पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग के तहत पेंशन संशोधन का लाभ देना है, तो इसे आयोग के ToR में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
क्या Fitment Factor बढ़ने से पुराने पेंशनर्स को भी फायदा होगा?
फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। 8वें वेतन आयोग के संदर्भ में Fitment Factor को लेकर अलग-अलग अनुमान और चर्चाएं जरूर चलती रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से किसी निश्चित नए Fitment Factor की घोषणा नहीं की गई है।
पुराने पेंशनर्स को कितना लाभ मिलेगा या मिलेगा भी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार 8वें वेतन आयोग के ToR में क्या बदलाव करती है और आयोग अपनी अंतिम सिफारिशों में पेंशन संशोधन को किस तरह शामिल करता है।
इसलिए अभी किसी निश्चित प्रतिशत या रकम में पेंशन बढ़ोतरी का दावा करना सही नहीं होगा।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल पेंशनर्स संगठनों की मांग वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के पास पहुंच चुकी है। अब विभाग इन ज्ञापनों और उसमें उठाए गए मुद्दों की समीक्षा करेगा।
इसके बाद सरकार यह तय कर सकती है कि 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference में संशोधन की आवश्यकता है या नहीं। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करने का निर्णय लेती है, तो आगे संबंधित प्रक्रिया के तहत फैसला लिया जा सकता है।
यानी फिलहाल पूरा मामला इन चरणों से गुजर रहा है:
पेंशनर्स संगठनों की मांग → DoPT ने ज्ञापन आगे भेजा → व्यय विभाग करेगा समीक्षा → सरकार के स्तर पर निर्णय → जरूरत पड़ने पर ToR में संशोधन
लाखों पेंशनर्स की नजर सरकार के अगले फैसले पर
पुराने पेंशनर्स के लिए यह मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि सरकार 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन को भी 8वें वेतन आयोग की समीक्षा के दायरे में शामिल करती है, तो भविष्य में उनकी पेंशन संशोधन का रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, अभी यह केवल एक मांग है और इसे मंजूरी मिलने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में पेंशनर्स को सरकार और वित्त मंत्रालय के आधिकारिक निर्णय का इंतजार करना होगा।
निष्कर्ष: 8वें वेतन आयोग में पुराने पेंशनर्स की पेंशन संशोधन को शामिल करने की मांग अब केंद्र सरकार के संबंधित विभाग तक पहुंच गई है। DoPT ने दोनों संगठनों के ज्ञापन व्यय विभाग को भेज दिए हैं। यह पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट जरूर है, लेकिन अभी पेंशन बढ़ोतरी की मंजूरी नहीं मिली है। अंतिम तस्वीर सरकार के फैसले और 8वें वेतन आयोग के ToR में संभावित बदलाव के बाद ही साफ होगी।



