
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक हेडमास्टर की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। जमीन विवाद को लेकर हुई इस हत्या से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने कथित आरोपियों के घर में आग लगा दी। आगजनी में घर का सामान और एक दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गया। घटना के बाद गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

यह मामला त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के घमनी गांव का है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जय करण सिंह जगते शासकीय विद्यालय में हेडमास्टर के पद पर कार्यरत थे। सोमवार, 20 जुलाई 2026 की सुबह वे रोज की तरह स्कूल जाने के लिए निकले थे।
रास्ते में उनके चचेरे भाई—
- बृजमोहन जगते (26 वर्ष), पिता बैजनाथ जगते
- हरिमोहन जगते (23 वर्ष), पिता बैजनाथ जगते
ने उन्हें रोक लिया। दोनों आरोपी राधानगर गांव के निवासी बताए गए हैं।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
बताया गया कि आरोपियों ने जय करण सिंह जगते से जमीन विवाद को लेकर सवाल किया। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों आरोपियों ने धारदार हथियार से जय करण सिंह जगते का गला रेत दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
पुलिस ने तुरंत शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने—
- घटनास्थल का निरीक्षण किया,
- साक्ष्य एकत्र किए,
- पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू की।
प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण जमीन विवाद सामने आया है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
हत्या के बाद भड़का गुस्सा
हेडमास्टर की हत्या की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्र हो गए।
आक्रोशित लोगों ने कथित आरोपियों के घर पहुंचकर आग लगा दी।
देखते ही देखते—
- मकान आग की चपेट में आ गया।
- घर में रखा सामान जल गया।
- पास खड़ी एक दोपहिया वाहन भी आग में पूरी तरह नष्ट हो गई।
घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा
आगजनी की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
वहीं पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया।
किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके में पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
गांव में तनाव का माहौल
हत्या और उसके बाद हुई आगजनी के कारण घमनी और आसपास के गांवों में तनाव बना हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। पुलिस लगातार हालात पर नजर रखे हुए है ताकि किसी प्रकार की प्रतिशोधात्मक घटना न हो।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस हत्या और आगजनी, दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच कर रही है।
- हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
- वहीं आगजनी में शामिल लोगों की भी पहचान की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



