छत्तीसगढ़

बलरामपुर में दल से भटके हाथी का आतंक: पति-पत्नी की दर्दनाक मौत…..

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मंगलवार सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहां एक जंगली दंतैल हाथी ने पति-पत्नी को कुचलकर मार डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना राजपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुंदी कला गांव के बांधपारा जंगल के पास हुई। जानकारी के अनुसार, पति-पत्नी सुबह करीब 5 बजे शौच के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान उनका सामना जंगल में घूम रहे एक दंतैल हाथी से हो गया।

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, हाथी ने दोनों को देखते ही आक्रामक रुख अपनाया और हमला कर दिया। दंपति को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हाथी ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

हाथियों का दल कई दिनों से क्षेत्र में

वन विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से कल्याणपुर क्षेत्र में पांच हाथियों का एक दल लगातार विचरण कर रहा है। माना जा रहा है कि इन्हीं हाथियों के झुंड से अलग हुआ एक दंतैल हाथी भटककर गांव के नजदीक पहुंच गया था। उसी हाथी ने इस घटना को अंजाम दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, झुंड से अलग हुए नर हाथी (दंतैल) अक्सर अधिक आक्रामक व्यवहार दिखाते हैं और मानव बस्तियों के करीब आने पर खतरा बढ़ जाता है।

घटना के बाद प्रशासन अलर्ट

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही ग्रामीणों को जंगल और हाथियों की गतिविधि वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

ग्रामीणों में दहशत

लगातार हाथियों की मौजूदगी और इस दर्दनाक घटना के बाद आसपास के गांवों के लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही पिछले कई दिनों से बनी हुई है, जिससे खेतों और गांवों के आसपास खतरा बढ़ गया है।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि:

  • सुबह और देर शाम जंगल की ओर अकेले न जाएं।
  • हाथियों की सूचना मिलने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • किसी भी हाथी की गतिविधि दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
  • हाथियों को भगाने या उनके करीब जाने की कोशिश न करें।

यह घटना एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को सामने लाती है, खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ के उन इलाकों में जहां हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है।

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