ED Raid Controversy: भारतमाला जांच में अजय चंद्राकर के रिश्तेदार पर छापा, दीपक बैज बोले—यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई…

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले में हुई छापेमारी ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। आइए पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं:
🔍 क्या है पूरा मामला?
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले की जांच ED कर रही है।
इसी कड़ी में ED ने धमतरी जिले के कुरूद में
पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के ठिकानों पर छापेमारी की।
🏠 कहां हुई छापेमारी?
📍 स्थान: कुरूद, जिला धमतरी (छत्तीसगढ़)
👉 यहां ED की टीम ने तड़के पहुंचकर दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच की।
🗣️ कांग्रेस का आरोप
इस कार्रवाई को लेकर PCC चीफ दीपक बैज ने गंभीर सवाल उठाए:
- क्या जांच सिर्फ परिवार तक सीमित है या बड़े नेताओं तक भी पहुंचेगी?
- क्या यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है?
- उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक “पैटर्न” है, जहां:
- पहले विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई
- फिर बाद में उन्हें सत्ताधारी दल में शामिल कर राहत
⚖️ उठाए गए बड़े सवाल
दीपक बैज ने दो संभावनाएं बताईं:
- अपने ही पार्टी के नेता को कमजोर करने की कोशिश
- सरकार के खिलाफ बोलने वालों को दबाने की रणनीति
उन्होंने यह भी दावा किया कि:
👉 पिछले 12 वर्षों में पहली बार किसी बीजेपी नेता के परिवार तक ED की कार्रवाई पहुंची है।
🏛️ राजनीतिक असर
- इस छापेमारी के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है
- मामला अब सिर्फ जांच तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक मुद्दा बन चुका है
- आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है
📌 ED की स्थिति
- ED फिलहाल मामले की जांच कर रही है
- दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल जारी है
- अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष या आरोप तय नहीं किए गए हैं
🧾 निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक छापेमारी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।
जहां एक तरफ जांच एजेंसी अपनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है।


