हनुमान जयंती पर रायपुर में 5 दिवसीय भव्य रामकथा: राम जानकी मंदिर में गूंजेगा रामनाम, राज्यपाल डेका और CM साय होंगे शामिल….

रायपुर। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के राम जानकी मंदिर, नर्मदा कुंड, निर्वाणी अखाड़ा में इस वर्ष 5 दिवसीय भव्य रामकथा का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शामिल होने की सहमति भी मिल चुकी है। हाल के सार्वजनिक आयोजनों में दोनों की संयुक्त उपस्थिति दर्ज हुई है, जिससे इस कार्यक्रम की औपचारिकता और महत्व और बढ़ जाता है।
यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कथा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे भक्ति, प्रवचन, रामकथा, महाआरती और सामूहिक प्रसादी के साथ एक बड़े आध्यात्मिक उत्सव के रूप में तैयार किया जा रहा है।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपा गया निमंत्रण
आयोजन को लेकर दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास और धर्म स्तंभ काउंसिल छत्तीसगढ़ के सभापति डॉ. सौरव निर्वाणी ने विशेष रूप से राजभवन पहुंचकर राज्यपाल रमेन डेका को निमंत्रण पत्र सौंपा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भी आयोजन में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
बताया जा रहा है कि दोनों ही शीर्ष संवैधानिक और राजनीतिक हस्तियों ने इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने की सहमति दी है। इससे यह स्पष्ट है कि इस बार का हनुमान जयंती उत्सव राजधानी के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल होने जा रहा है।
राम जानकी मंदिर में 5 दिन तक चलेगा आध्यात्मिक उत्सव
राम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित होने वाली यह 5 दिवसीय रामकथा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन के दौरान प्रतिदिन:
- रामकथा वाचन
- धार्मिक प्रवचन
- भजन-कीर्तन
- आध्यात्मिक व्याख्यान
- और भोजन प्रसादी
जैसी व्यवस्थाएं रहेंगी।
यह आयोजन हनुमान जयंती के अवसर को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि रामभक्ति और हनुमान भक्ति के संगम के रूप में प्रस्तुत करेगा।
राजीव लोचन दास करेंगे रामकथा वाचन
आयोजन की सबसे बड़ी आध्यात्मिक विशेषताओं में से एक यह है कि दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर राजीव लोचन दास स्वयं इस आयोजन में रामकथा का वाचन करेंगे।
उनके मुखारविंद से रामकथा श्रवण को लेकर भक्तों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। माना जा रहा है कि कथा के दौरान:
- भगवान श्रीराम के आदर्शों
- भक्त हनुमान की निष्ठा
- धर्म, मर्यादा और भक्ति
- और रामायण के प्रसंगों
पर गहराई से प्रकाश डाला जाएगा।
यानी यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक संवाद का भी मंच बनेगा।
छत्तीसगढ़ के मानस मर्मज्ञ संत भी देंगे प्रवचन
आयोजन में सिर्फ एक कथा वाचक ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन छत्तीसगढ़ के मानस मर्मज्ञ संतों द्वारा भी श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रवचन दिए जाएंगे।
इससे कार्यक्रम को एक बहु-आयामी आध्यात्मिक स्वरूप मिलेगा, जहां श्रद्धालु अलग-अलग संतों के माध्यम से:
- रामचरितमानस की व्याख्या
- हनुमान भक्ति का महत्व
- सनातन संस्कृति के मूल्य
- और जीवन में धर्म की भूमिका
जैसे विषयों पर गहन श्रवण कर सकेंगे।
‘राम रसायन’ का विशेष श्रवण भी होगा
आयोजन में डॉ. संदीप अखिल द्वारा ‘राम रसायन’ का विशेष श्रवण भी कराया जाएगा। यह कार्यक्रम भक्तों के लिए एक अलग आध्यात्मिक अनुभव होगा, जिसमें राम नाम, राम तत्व और रामभक्ति की गहराई को विशेष शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।
ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक भावनाओं को जागृत करना नहीं, बल्कि भक्ति को जीवन-मूल्य और आत्मिक साधना से जोड़ना भी होता है।
भव्य कलश यात्रा से होगी शुरुआत
5 दिवसीय आयोजन की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से होगी, जो पूरे कार्यक्रम का अत्यंत आकर्षक और भक्तिमय हिस्सा मानी जा रही है।
कलश यात्रा की खास बातें:
- इसमें मातृशक्ति की बड़ी भागीदारी रहेगी
- श्रद्धालु नगर भ्रमण करेंगे
- भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा निकलेगी
- इससे पूरे क्षेत्र में उत्सवी और आध्यात्मिक माहौल बनेगा
धार्मिक आयोजनों में कलश यात्रा को शुभारंभ, पवित्रता और सामूहिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस यात्रा के जरिए हनुमान जयंती उत्सव की शुरुआत को भव्य रूप दिया जाएगा।
प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी
मंदिर के महंत सुरेंद्र दास ने जानकारी दी है कि आयोजन के दौरान प्रतिदिन कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी।
यह व्यवस्था केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं, बल्कि सामूहिक सेवा और भक्त-सेवा का भी महत्वपूर्ण आयाम है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए:
- प्रसाद वितरण
- बैठकर भोजन की व्यवस्था
- सेवा दल की तैनाती
- और मंदिर प्रबंधन की विशेष तैयारी
की जा रही है।
हनुमान जयंती के दिन नर्मदा कुंड में होगी भव्य महाआरती
पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण हनुमान जयंती के दिन नर्मदा कुंड में होने वाली भव्य महाआरती को माना जा रहा है।
यह क्यों खास है?
हनुमान जयंती के दिन होने वाली महाआरती:
- भक्ति और आस्था का चरम क्षण होगी
- बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी
- दीप, मंत्रोच्चार और जयकारों से वातावरण भक्तिमय होगा
- मंदिर परिसर में विशेष सजावट और रोशनी की संभावना रहेगी
धार्मिक आयोजनों में महाआरती को ऊर्जा, समर्पण और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना
धर्म स्तंभ काउंसिल के अनुसार, इस आयोजन में सिर्फ राज्यपाल और मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि:
- मंत्रिमंडल के सदस्य
- निगम-मंडल के पदाधिकारी
- विभिन्न जनप्रतिनिधि
- सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि
- और बड़ी संख्या में श्रद्धालु
शामिल हो सकते हैं।
इससे साफ है कि यह आयोजन केवल एक मंदिर परिसर तक सीमित धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजधानी रायपुर का बड़ा सार्वजनिक-आध्यात्मिक आयोजन बनने जा रहा है।
धार्मिक आयोजन से सामाजिक समरसता का भी संदेश
ऐसे आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये सामाजिक एकता, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक होते हैं।
हनुमान जयंती पर होने वाली रामकथा का संदेश कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है:
यह आयोजन क्या संदेश देता है?
- रामभक्ति और हनुमान भक्ति का संगम
- परिवार और समाज को जोड़ने वाली धार्मिक परंपरा
- मातृशक्ति की भागीदारी
- संत परंपरा और लोकआस्था का संरक्षण
- समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों का प्रसार
श्रद्धालुओं के लिए क्यों रहेगा खास?
रायपुर और आसपास के श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन इसलिए भी खास रहेगा क्योंकि एक ही मंच पर उन्हें मिलेगा:
- रामकथा श्रवण
- संतों के प्रवचन
- आध्यात्मिक विमर्श
- सामूहिक प्रसादी
- भव्य कलश यात्रा
- और हनुमान जयंती की विशेष महाआरती
यानी जो लोग हनुमान जयंती को सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आध्यात्मिक अनुभव के रूप में मनाना चाहते हैं, उनके लिए यह आयोजन विशेष महत्व रखेगा।
निष्कर्ष
रायपुर के राम जानकी मंदिर, नर्मदा कुंड, निर्वाणी अखाड़ा में होने वाला यह 5 दिवसीय रामकथा आयोजन हनुमान जयंती को इस बार और अधिक भव्य, आध्यात्मिक और जनभागीदारी वाला बना देगा।
राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संभावित उपस्थिति, राजीव लोचन दास की रामकथा, महाआरती, कलश यात्रा और भोजन प्रसादी जैसे कार्यक्रम इसे राजधानी के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल कर सकते हैं।
आस्था, भक्ति और परंपरा से जुड़ा यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव देगा, बल्कि समाज में धार्मिक चेतना और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करेगा।



