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जंग के बीच सोने की कीमतों में उछाल, जानिए आगे क्या रहेगा गोल्ड का ट्रेंड..

सोना-चांदी निवेश (Gold-Silver Investment) इन दिनों फिर चर्चा में है, क्योंकि वैश्विक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। खासकर Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर गोल्ड मार्केट पर पड़ा है।

युद्ध और वैश्विक तनाव का असर

28 फरवरी 2026 से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। सोना परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) माना जाता है, इसलिए ऐसे समय में इसकी मांग बढ़ जाती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें लगभग $5,277 प्रति औंस के उच्च स्तर और $5,054 प्रति औंस के निचले स्तर के बीच कारोबार करती रही हैं।

भारत में Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना लगभग

  • ₹1,69,880 प्रति 10 ग्राम (उच्च स्तर)
  • ₹1,59,350 प्रति 10 ग्राम (निचला स्तर)

के दायरे में ऊपर-नीचे होता रहा।

संघर्ष की वजह क्या है

अमेरिका और इजराइल को आशंका है कि ईरान परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। इसी वजह से ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए गए।

इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया।

इस संघर्ष का असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ा है और यह तनाव

  • Saudi Arabia
  • Lebanon
  • Iraq
  • United Arab Emirates

तक फैलने लगा है।

तेल की कीमतों में उछाल

इस युद्ध का असर तेल बाजार पर भी पड़ा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz से करीब 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है।

अगर यह मार्ग बंद होता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

इसी आशंका के कारण

  • West Texas Intermediate crude oil
    की कीमत $60 प्रति बैरल से बढ़कर लगभग $110 प्रति बैरल तक पहुंच गई।

इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर भी बढ़ गया है।

फिर भी सोने की कीमत क्यों स्थिर है

सामान्यतः युद्ध या वैश्विक संकट के समय सोना तेजी से बढ़ता है। लेकिन इस बार कीमतें एक सीमित दायरे में बनी हुई हैं। इसके पीछे दो बड़े कारण हैं:

  1. मजबूत अमेरिकी डॉलर – निवेशक डॉलर को भी सुरक्षित निवेश मानते हैं।
  2. ऊंची ब्याज दरें – जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड या अन्य निवेश विकल्प चुनते हैं।

इसी वजह से सोने की कीमतों में तेजी की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है।

आगे सोने की कीमतें कैसी रह सकती हैं

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब $5,165 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है। पिछले एक साल में इसकी कीमत 80% से ज्यादा बढ़ चुकी है और 2025 में ही यह 50 से ज्यादा बार रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा।

विशेषज्ञों के अनुसार आगे तीन संभावित स्थितियां बन सकती हैं:

1. Bullish Scenario (तेजी वाला दौर)

अगर युद्ध और वैश्विक तनाव बढ़ता है या दुनिया में मंदी आती है, तो 2026 में सोने की कीमतें 15–20% तक बढ़ सकती हैं।

2. Moderately Bullish Scenario (मध्यम तेजी)

अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी होती है और
Federal Reserve ब्याज दरों में थोड़ी कटौती करता है, तो सोना 5–15% तक बढ़ सकता है।

3. Bearish Scenario (गिरावट की संभावना)

अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रहती है, महंगाई बढ़ती है और ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोने की कीमतों में 5–20% तक गिरावट आ सकती है। हालांकि फिलहाल इसकी संभावना कम मानी जा रही है।

निष्कर्ष:
वैश्विक तनाव, तेल की कीमतों में उछाल और आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोना निवेशकों के लिए अभी भी एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। हालांकि मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें इसकी तेजी को सीमित कर सकती हैं।

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