टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद हनुमान मंदिर पहुंचे सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर, संकटमोचन से लिया आशीर्वाद…

आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और मुख्य कोच गौतम गंभीर आधी रात को ट्रॉफी लेकर हनुमान मंदिर अहमदाबाद पहुंचे। यहां उन्होंने संकटमोचन हनुमान के दर्शन कर भारत की इस ऐतिहासिक जीत के लिए आशीर्वाद लिया। इस दौरान जय शाह भी उनके साथ मौजूद रहे।
फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया
रविवार 8 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 96 रन से हराकर टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया।

इस जीत के साथ:
- भारत ने तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीता
- टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार यह खिताब हासिल किया
- पहली बार अपने ही देश में टी20 विश्व चैंपियन बनी
ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे कप्तान सूर्या
खिताबी जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव देर रात टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे।
- उन्होंने मंदिर में बजरंग बली के सामने माथा टेका
- टीम की जीत के लिए विशेष पूजा-अर्चना की
- मंदिर परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा
कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे।
देशभर में जश्न का माहौल
भारत की इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल देखने को मिला।
- कई शहरों में आतिशबाजी की गई
- लोग तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे
- क्रिकेट प्रेमियों ने इसे दिवाली जैसा उत्सव बताया
गौतम गंभीर ने किसे समर्पित की जीत
मैच के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि उनकी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लोगों के प्रति नहीं बल्कि टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों और स्टाफ के प्रति है।
उन्होंने इस ऐतिहासिक जीत को पूर्व कोच राहुल द्रविड़ और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित किया।
गंभीर ने कहा कि:
- राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई
- वीवीएस लक्ष्मण ने क्रिकेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवा खिलाड़ियों की मजबूत पाइपलाइन तैयार की
टीमवर्क से मिली ऐतिहासिक जीत
गौतम गंभीर ने यह भी कहा कि किसी भी कोच की पहचान उसकी टीम से बनती है और खिलाड़ियों ने ही उन्हें बेहतर कोच बनाया है।
भारत की इस शानदार जीत को भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।



