रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, 5.5 लाख परिवार जुड़ेंगे आयुष्मान योजना से…

दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ा और अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राजधानी की विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को Ayushman Bharat Yojana से जोड़ने को मंजूरी दे दी गई। इस निर्णय से लाखों जरूरतमंद परिवारों को सीधे तौर पर मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
क्या है फैसला?
कैबिनेट के इस निर्णय के तहत:
- लगभग 3,96,615 विधवा महिलाएं
- करीब 1,31,515 दिव्यांग पेंशनधारी
अब आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज के पात्र होंगे।
यानी कुल मिलाकर करीब 5.5 लाख अतिरिक्त परिवार अब स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत छतरी के नीचे आ जाएंगे।
कहां मिलेगा इलाज?
योजना के लागू होने के बाद लाभार्थी दिल्ली के:
- 208 सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे
- 156 निजी अस्पताल
- 53 सरकारी अस्पताल
इन अस्पतालों में इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा, यानी मरीज को जेब से पैसे नहीं देने होंगे (योजना की शर्तों के अनुसार निर्धारित सीमा तक)।
पहले से कौन ले रहा है लाभ?
दिल्ली में पहले से ही:
- 7,23,707 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं
- इनमें से 2,74,620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए हैं
- अब तक 29,120 से अधिक लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज करा चुके हैं
यह योजना पहले से ही अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता श्रेणी (PRS) के परिवारों को कवर कर रही है।
इसके अलावा:
- 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक
- आशा कार्यकर्ता
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर्स
भी योजना के दायरे में शामिल हैं।
योजना का उद्देश्य क्या है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार:
- कोई भी गरीब, कमजोर या जरूरतमंद नागरिक इलाज के अभाव में वंचित न रहे
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर इलाज का खर्च बोझ न बने
- राजधानी में स्वास्थ्य सुविधाओं की समान पहुंच सुनिश्चित की जाए
उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि “हर जरूरतमंद परिवार के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा वादा” बताया।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस फैसले से:
✔ विधवा महिलाओं को गंभीर बीमारियों में आर्थिक राहत मिलेगी
✔ दिव्यांग व्यक्तियों के परिवारों को महंगे इलाज की चिंता कम होगी
✔ निजी अस्पतालों में भी गुणवत्तापूर्ण इलाज का रास्ता खुलेगा
✔ दिल्ली में स्वास्थ्य कवरेज का दायरा काफी बढ़ेगा
सरकार का दावा है कि यह कदम “सबका साथ, सबका विकास” की सोच को आगे बढ़ाने वाला है और राजधानी के हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है।




