Gold-Silver Price Update: रिकॉर्ड हाई के बाद बाजार में करेक्शन, जानिए गिरावट की बड़ी वजहें…

ऐतिहासिक तेजी के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में तेज करेक्शन देखने को मिला है। कल जहां सोना 1.61 लाख के पार चला गया था, वहीं आज इसमें करीब 1,097 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। चांदी में भी लगभग 15,000 रुपये की बड़ी गिरावट आई है।
📉 आज के ताजा भाव
- 24 कैरेट सोना: ₹1,60,501 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,47,150 प्रति 10 ग्राम
- चांदी: ₹2,63,949 प्रति किलोग्राम
- स्पॉट गोल्ड (इंटरनेशनल मार्केट): $5,150 प्रति औंस (करीब 1.5% गिरावट)
- US गोल्ड फ्यूचर्स: $5,171 प्रति औंस (1.1% गिरावट)
गिरावट की मुख्य वजहें
1️⃣ मजबूत डॉलर का दबाव
अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से गोल्ड और सिल्वर पर दबाव बढ़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य करेंसी रखने वालों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है, जिससे डिमांड घटती है।

2️⃣ ट्रेड टेंशन और टैरिफ अनिश्चितता
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रेड डील्स को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि देश समझौतों से पीछे हटते हैं तो अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जा सकती है। इससे ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता बढ़ी है।
3️⃣ मिडिल ईस्ट तनाव
United States Department of State ने बेरूत स्थित अपने दूतावास से गैर-जरूरी स्टाफ को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है।
4️⃣ फेड की ब्याज दर नीति
Federal Reserve के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने संकेत दिए हैं कि यदि लेबर मार्केट मजबूत रहता है तो मार्च में ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है।
CME के FedWatch टूल के अनुसार बाजार इस साल तीन बार 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की उम्मीद कर रहा है, लेकिन तत्काल राहत की संभावना कम हुई है।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से सोने की तेजी पर ब्रेक लगा है।
एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
🔹 सतीश डोंडापति (कोटक म्यूचुअल फंड)
उनका कहना है कि सोने की हालिया तेजी पॉलिसी अनिश्चितता और सेफ-हेवन डिमांड के कारण थी, लेकिन शॉर्ट टर्म में डॉलर और रियल यील्ड की चाल कीमत तय करेगी।
🔹 निकुंज सराफ (चॉइस वेल्थ)
उनके मुताबिक, टैरिफ और डॉलर की कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला था, लेकिन आगे की चाल ट्रेड पॉलिसी और रियल यील्ड पर निर्भर करेगी। निवेशकों को एकमुश्त निवेश के बजाय SIP या किस्तों में निवेश करना चाहिए।
क्या यह निवेश का मौका है?
✔ लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट आंशिक खरीद का मौका हो सकती है।
✔ पोर्टफोलियो में 10–15% गोल्ड एक्सपोजर हेज के रूप में रखा जा सकता है।
✔ एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध निवेश बेहतर रणनीति मानी जा रही है।
निष्कर्ष
रिकॉर्ड हाई के बाद बाजार में करेक्शन स्वाभाविक माना जा रहा है। मजबूत डॉलर, फेड की नीति और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव फिलहाल सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में गोल्ड अभी भी सेफ-हेवन एसेट बना हुआ है।



