छत्तीसगढ़
प्रेस नोट-बजट 2026-27 : 24 फरवरी, 2026

रायपुर, 24 फरवरी, 2026
OP Choudhary ने आज Chhattisgarh Legislative Assembly में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। यह बजट राज्य सरकार की विकासपरक सोच, समावेशी वृद्धि और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित है। नीचे प्रेस नोट के प्रमुख बिंदुओं का विस्तृत विवरण दिया जा रहा है:
💰 1. कुल बजट आकार
- वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट प्रावधान लगभग ₹1.72 लाख करोड़।
- राजस्व एवं पूंजीगत व्यय में संतुलन रखते हुए विकास को प्राथमिकता।
- बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र पर विशेष जोर।
🌾 2. कृषि एवं किसान हित
- कृषक उन्नति योजना के लिए हजारों करोड़ का प्रावधान।
- सिंचाई विस्तार, नई बैराज एवं नहर परियोजनाओं के लिए बजट आवंटन।
- कृषि पंपों के लिए बिजली सब्सिडी।
- प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादन को बढ़ावा।
👩👧 महिला एवं बाल विकास
- महतारी वंदन योजना के लिए विशेष बजटीय प्रावधान।
- बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु नई प्रोत्साहन योजना (18 वर्ष पर आर्थिक सहायता)।
- पोषण आहार और आंगनबाड़ी सुदृढ़ीकरण।
🎓 शिक्षा एवं युवा
- नए स्कूल भवन और उन्नयन कार्यों के लिए राशि।
- दूरस्थ क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज एवं उच्च शिक्षा संस्थान की स्थापना।
- कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम।
🏥 स्वास्थ्य सेवाएँ
- जिला अस्पतालों के उन्नयन और नई स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना।
- डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान।

🛣️ अधोसंरचना विकास
- ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए बजट।
- औद्योगिक पार्कों की स्थापना से निवेश और रोजगार सृजन।
- बस सेवा विस्तार और कनेक्टिविटी सुधार।
🏭 उद्योग एवं निवेश
- 20+ नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की घोषणा।
- MSME को प्रोत्साहन और स्टार्टअप नीति सुदृढ़ीकरण।
- स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राथमिकता।
🏞️ पर्यटन एवं संस्कृति
- प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए राशि।
- खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन।
📊 बजट की प्रमुख विशेषताएँ
- कोई नया कर प्रस्तावित नहीं।
- राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर।
- “संकल्प” थीम के साथ समावेशी और संतुलित विकास मॉडल।
📌 निष्कर्ष
बजट 2026-27 राज्य के कृषि, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना क्षेत्रों को मजबूती देने पर केंद्रित है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं निवेश के अनुकूल बनाया जाए।



