
छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। शहर के भीतर दूसरा फोरलेन सड़क निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 4073.10 लाख रुपये (करीब 40 करोड़ रुपये) है। यह सड़क जेल तिराहा से मिनीमाता चौक तक बनाई जाएगी।
क्या है परियोजना की खास बातें?
- लागत: 40 करोड़ रुपये
- लंबाई: लगभग 4.75 किलोमीटर
- रूट: जेल तिराहा से मिनीमाता चौक
- अतिरिक्त कार्य: यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली के खंभे, पेयजल पाइपलाइन आदि को व्यवस्थित करना)
भूमिपूजन कार्यक्रम
इस सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन केबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने महापौर अलका बाघमार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया। कार्यक्रम का आयोजन महाराजा चौक पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पार्षद, एमआईसी सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम को जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक और सभापति श्याम शर्मा ने भी संबोधित किया। संचालन पार्षद साजन जोसफ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन लीलाधर पाल ने किया।

मंत्री का संबोधन: विकास की दिशा में बड़ा कदम
मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए यह महत्वपूर्ण परियोजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि भविष्य में शहर में और भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं, इसलिए अभी से यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम किया जाएगा ताकि आगे किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने कहा कि यह सड़क शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगी और लोगों को सुरक्षित, सुगम व तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही इसे चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम बताया।
जनता को क्या होगा फायदा?
- ट्रैफिक जाम से राहत
- यात्रा समय में कमी
- दुर्घटनाओं में संभावित कमी
- शहर के यातायात तंत्र को मजबूती
- भविष्य के विकास कार्यों के लिए बेहतर आधारभूत संरचना
इस फोरलेन सड़क के निर्माण से दुर्ग शहर की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।



