राज्यपाल श्री रमेन डेका से राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष श्री चौरड़िया ने की सौजन्य भेंट..

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज रायपुर स्थित लोेकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष गौतम चौरड़िया ने सौजन्य भेंट की।
यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के साथ-साथ आयोग की गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा के उद्देश्य से आयोजित हुई।

आयोग के कार्यों की दी जानकारी
न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने राज्यपाल को अवगत कराया कि आयोग उपभोक्ताओं को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि—
- लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- डिजिटल माध्यमों से शिकायतों की सुनवाई और प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।
- जिलास्तरीय उपभोक्ता मंचों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
राज्यपाल ने आयोग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने पारदर्शिता, त्वरित न्याय और जन-जागरूकता पर विशेष बल दिया।
राज्यपाल ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
राज्यपाल रमेन डेका ने आयोग को सुझाव दिया कि—
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में उपभोक्ता जागरूकता अभियान बढ़ाए जाएं।
- उपभोक्ता संरक्षण कानूनों की जानकारी आम जनता तक सरल भाषा में पहुंचाई जाए।
- शिकायतों के निपटारे में समयबद्धता और संवेदनशीलता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का निमंत्रण
न्यायमूर्ति चौरड़िया ने 21 एवं 22 फरवरी 2026 को रायपुर में आयोजित होने वाली “उपभोक्ता संरक्षण” विषयक दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला में राज्यपाल को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।
इस कार्यशाला में—
- उपभोक्ता कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन
- नवीन संशोधनों और न्यायिक दृष्टांतों
- उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा
जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
राज्यपाल ने निमंत्रण के लिए धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
समग्र महत्व
यह भेंट राज्य में उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे उपभोक्ता न्याय प्रणाली की पारदर्शिता, जागरूकता और प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



