बिलासपुर समेत तीन जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें आज से लागू, संपत्ति रजिस्ट्री होगी नई दरों पर…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़ी गाइडलाइन दरों में संशोधन की प्रक्रिया के तहत राज्य के तीन जिलों—बिलासपुर, कोरिया और सारंगढ़‑बिलाईगढ़—के लिए संशोधित गाइडलाइन दरें जारी कर दी गई हैं। ये नई दरें आज 13 फरवरी से प्रभावी हो गई हैं। इससे इन जिलों में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री अब नई दरों के आधार पर की जाएगी।
क्या होती है गाइडलाइन दर
गाइडलाइन दर वह न्यूनतम मूल्य होता है, जिस पर किसी जमीन, मकान या अन्य संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है। यह दर राज्य सरकार द्वारा तय की जाती है और इसी के आधार पर स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क की गणना होती है। यदि बाजार मूल्य अधिक है तो उसी के अनुसार रजिस्ट्री होती है, लेकिन गाइडलाइन दर से कम पर रजिस्ट्री संभव नहीं होती।

नवंबर 2025 से लागू है नई व्यवस्था
राज्य में इससे पहले 20 नवंबर 2025 से नई गाइडलाइन दरें लागू की गई थीं। राज्य शासन ने सभी जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए थे कि यदि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार दरों में संशोधन की आवश्यकता हो, तो वे प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज सकते हैं।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने दी मंजूरी
इसी प्रक्रिया के तहत बिलासपुर, कोरिया और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों ने संशोधित दरों के प्रस्ताव भेजे थे। इन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए उप महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में तीनों जिलों से प्राप्त प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण और समीक्षा की गई। सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद बोर्ड ने संशोधित गाइडलाइन दरों को मंजूरी दे दी। इसके बाद इन्हें 13 फरवरी से लागू करने का निर्णय लिया गया।
नागरिकों और हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण
नई गाइडलाइन दरें लागू होने से इन जिलों में संपत्ति खरीदने और बेचने वालों पर सीधा असर पड़ेगा। रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप शुल्क अब संशोधित दरों के अनुसार निर्धारित होंगे।
आम नागरिक, बिल्डर, प्रॉपर्टी कारोबारी और अन्य हितधारक नई दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों या पंजीयन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
अन्य जिलों में भी होगा संशोधन
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य जिलों से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों की भी इसी तरह समीक्षा की जाएगी। परीक्षण और अनुमोदन के बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य जिलों में भी संशोधित गाइडलाइन दरें लागू की जाएंगी।
यह कदम संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप रजिस्ट्री दरों को अपडेट करने और पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



