Neena Gupta Exclusive: ‘वध 2’ और ‘पंचायत 5’ के अलावा अपने करियर को लेकर की खुलकर बात..

फिल्म वध 2 की रिलीज को लेकर उन्होंने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह दर्शकों के प्यार की उम्मीद में लगातार भगवान से प्रार्थना करती हैं. उनके अनुसार फिल्म की एडिटिंग ने कहानी के प्रभाव को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने बताया कि फिल्म देखने के बाद वह इतनी प्रभावित हुईं कि पूरी रात सो नहीं पाईं.
नीना गुप्ता ने खुलासा किया
इसी बातचीत में उन्होंने ‘पंचायत 5’ को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया. नीना गुप्ता ने खुलासा किया कि सीरीज की शूटिंग मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं और शूटिंग के दौरान वह पहले की तरह ही अनुशासन और सादगी के साथ काम करेंगी. बड़ी फिल्मों के साथ बॉक्स ऑफिस टक्कर के सवाल पर उन्होंने विश्वास जताया कि ‘वध 2’ अपनी कहानी और दर्शकों की प्रतिक्रिया के दम पर पहचान बनाएगी. उनका मानना है कि सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ ही किसी भी फिल्म की असली ताकत होती है. अपने किरदार को निभाने के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान अत्यधिक ठंड और कठिन लोकेशन शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन एक बार वह कॉस्ट्यूम और किरदार में ढल जाती हैं तो परिस्थितियां मायने नहीं रखतीं. फिल्म के शीर्षक के पीछे की कहानी बताते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म का नाम एक संवाद से प्रेरित है कि मैंने तुम्हारी हत्या नहीं की, वध किया है. शूटिंग के दौरान सेट के माहौल पर उन्होंने बताया कि जहां बाकी लोग खाने का आनंद लेते थे, वहीं वह अपना खाना खुद बनाना पसंद करती हैं. उन्होंने यह भी साझा किया कि पंचायत की शूटिंग के दौरान भी उन्होंने खुद ही अपने लिए खाना तैयार किया था.

अपनी बेटी मसाबा गुप्ता के साथ काम करने के अनुभव पर उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई नया ऑफर नहीं है, लेकिन उनके साथ काम करना उनके लिए गर्व और खुशी का अनुभव रहा है. बॉलीवुड में आए बदलावों पर उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत में उन्हें सीमित अवसर मिलते थे, लेकिन आज OTT प्लेटफॉर्म और टेलीविजन के विस्तार ने कलाकारों के लिए संभावनाओं के नए रास्ते खोल दिए हैं. अपने प्रतिष्ठित गीत ‘चोली के पीछे’ को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वह उस समय बेहद नर्वस थीं क्योंकि गाना कम समय में शूट हुआ था. माधुरी दीक्षित के साथ परफॉर्म करना चुनौतीपूर्ण था, इसलिए उन्होंने सरोज खान से सरल स्टेप्स देने का अनुरोध किया और सुभाष घई की सलाह के अनुसार भावों को जीकर प्रस्तुत किया.



