सोना ₹1.53 लाख और चांदी ₹2.74 लाख पर, लगातार गिरावट से बाजार में हलचल….

सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं के दाम में नरमी देखने को मिल रही है।
सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन गिरावट
7 फरवरी की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर ₹1,53,850 प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,41,040 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹1,53,700 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,40,890 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं पुणे और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,54,410 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,40,890 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
यह गिरावट पिछले कुछ दिनों से जारी है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,887.30 प्रति औंस पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती, निवेशकों की मुनाफावसूली और बाजार में उतार-चढ़ाव इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है।
साल के अंत तक सोना और महंगा हो सकता है
वैश्विक वित्तीय संस्था जेपी मॉर्गन ने अनुमान जताया है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमत $6,300 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। इसका प्रमुख कारण दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों और निवेशकों द्वारा सोने की बढ़ती खरीद है।
अनुमान के अनुसार, वर्ष 2026 में सेंट्रल बैंक करीब 800 टन सोना खरीद सकते हैं, जिससे मांग बढ़ेगी और कीमतों में तेजी आ सकती है।
चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। 7 फरवरी को चांदी की कीमत घटकर ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि 30 जनवरी को यह ₹4,00,000 प्रति किलोग्राम से अधिक थी। इसका मतलब है कि कुछ ही दिनों में चांदी की कीमतों में एक लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की स्पॉट कीमत फिलहाल $74 प्रति औंस है।
विशेषज्ञों की सलाह: सावधानी से करें निवेश
निर्मल बैंग सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी रिसर्च हेड कुणाल शाह के अनुसार, चांदी में तेजी का दौर फिलहाल खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि यदि कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी होती है, तो निवेशक उसे बेचने का अवसर मानें, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा है।
उन्होंने यह भी कहा कि चांदी में इस समय ट्रेडिंग करना काफी जोखिम भरा हो गया है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत
कीमतों में गिरावट से जहां निवेशकों को नुकसान हो सकता है, वहीं आम ग्राहकों के लिए यह सोना-चांदी खरीदने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। हालांकि, बाजार में अस्थिरता को देखते हुए विशेषज्ञ लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है, लेकिन भविष्य में मांग बढ़ने के कारण कीमतों में फिर तेजी आने की संभावना भी बनी हुई है।


