14 लाख की लूट का झूठा ड्रामा, बीमा क्लेम के लालच में युवक गिरफ्तार

दुर्ग जिले में बीमा और मुआवजा राशि पाने के लालच में फर्जी लूट की कहानी गढ़ने का मामला सामने आया है। कुम्हारी थाना पुलिस ने जांच के बाद इस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से सोने की ज्वेलरी भी बरामद की गई है।
आरोपी ने खुद को बताया था लूट का शिकार
पुलिस के अनुसार, 5 फरवरी को नितेश देवांगन नामक व्यक्ति कुम्हारी थाने पहुंचा और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वह ज्वेलरी खरीदकर घर लौट रहा था। इसी दौरान कुगदा रोड स्थित सार्थक होम के पास तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोक लिया और धारदार हथियार दिखाकर उससे सोने की ज्वेलरी और करीब 14 लाख रुपये नकद लूट लिए।
शिकायत में आरोपी ने दावा किया कि बदमाशों ने उसे धमकाकर पूरी रकम और ज्वेलरी छीन ली और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV में नहीं मिला कोई सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुम्हारी थाना पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को कहीं भी लूट की घटना से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि या आरोपी द्वारा बताए गए बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। इससे पुलिस को शिकायत पर संदेह हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला सच
सीसीटीवी फुटेज में कोई साक्ष्य नहीं मिलने और आरोपी के बयान में विरोधाभास पाए जाने पर पुलिस ने नितेश देवांगन से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसके व्यापार में लगातार नुकसान हो रहा था और आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी।
इसी कारण उसने बीमा क्लेम और मुआवजा राशि पाने के लिए खुद ही फर्जी लूट की कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बरामद की सोने की ज्वेलरी
सच सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 30 ग्राम सोने की ज्वेलरी बरामद कर ली, जिसे उसने लूट होने की बात कही थी। इससे स्पष्ट हो गया कि पूरी घटना मनगढ़ंत थी और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।
आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल
झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने और फर्जी अपराध दर्ज कराने के आरोप में पुलिस ने आरोपी नितेश देवांगन को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने नागरिकों से की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की झूठी शिकायत या भ्रामक सूचना न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने कहा कि इस तरह की झूठी शिकायतें पुलिस का समय और संसाधन बर्बाद करती हैं, जिससे वास्तविक अपराधों की जांच प्रभावित होती है।
यह कार्रवाई दुर्ग पुलिस की सतर्कता और प्रभावी जांच का उदाहरण है, जिससे फर्जी शिकायत का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।


