
रायपुर। राजधानी रायपुर में एनएसयूआई (NSUI) ने असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने संजय नेताम पर नकली दवाइयों के कारोबारियों के साथ कथित सांठगांठ करने का आरोप लगाया और प्रशासन से तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नकली दवा कारोबारियों से संबंध होने का आरोप
एनएसयूआई नेताओं का कहना है कि असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम को एक टैन कैफे में नकली दवाइयों के कारोबार से जुड़े लोगों के साथ देखा गया है। इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे संगठन ने गंभीर सबूत बताया है। एनएसयूआई का आरोप है कि इतने गंभीर आरोप और कथित वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

तहसील कार्यालय परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भ्रष्टाचार और नकली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि नकली दवाइयों का कारोबार आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध होना बेहद चिंताजनक है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रतीकात्मक विरोध के रूप में रिश्वत की पेशकश
एनएसयूआई नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान प्रतीकात्मक रूप से असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर को पांच लाख रुपये नकद देने की पेशकश करते हुए कहा कि वे कथित रिश्वतखोरी और दवा माफियाओं से संबंध पूरी तरह खत्म कर दें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संगठन हर महीने 50 हजार रुपये देने को भी तैयार है, लेकिन नकली दवाइयों के अवैध कारोबार को संरक्षण देना बंद किया जाए। यह पेशकश भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के प्रतीकात्मक रूप में की गई।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं बल्कि जनता के जीवन से खिलवाड़ करने जैसा गंभीर अपराध है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। उन्होंने कहा कि नकली दवाइयों के कारोबार और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि आम जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।
यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका पर नजर बनी हुई है और अब जांच तथा कार्रवाई को लेकर अगला कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



