छत्तीसगढ़राजनीति

कवासी लखमा पर सियासत तेज: ‘बलि का बकरा’ बयान पर दीपक बैज का पलटवार…

रायपुर। शराब घोटाले मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जमानत मिलने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा लखमा को “बलि का बकरा” बताए जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और भाजपा से कई सवाल पूछे हैं।


📌 बैज का सवाल – अगर लखमा निर्दोष तो दोषी कौन?

दीपक बैज ने कहा कि यदि भाजपा नेताओं का कहना है कि कवासी लखमा बलि का बकरा बनाए गए हैं, तो इसका मतलब यह हुआ कि वह निर्दोष हैं।

👉 बैज ने कहा –

  • अगर लखमा निर्दोष हैं तो दोषी कौन है?
  • क्या भाजपा यह स्वीकार कर रही है कि निर्दोष व्यक्ति को जेल भेजा गया?
  • भाजपा को इसके लिए जनता और लखमा से माफी मांगनी चाहिए।

📌 जमानत मिलने पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लखमा को जमानत मिलना न्याय की जीत है।

👉 उन्होंने कहा –

  • “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं।”
  • अदालत का निर्णय स्वागत योग्य है।
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और लखमा का जोरदार स्वागत किया जाएगा।

बैज ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश की गई।


📌 धान खरीदी पर सरकार पर हमला

धान खरीदी की समय सीमा दो दिन बढ़ाए जाने को लेकर भी बैज ने सरकार को घेरा।

👉 उनके प्रमुख आरोप –

  • सरकार ने 162 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का दावा किया, लेकिन करीब 25 लाख मीट्रिक टन धान नहीं खरीदा गया।
  • कई किसान अब भी धान बेचने से वंचित हैं।
  • कांग्रेस के दबाव में सरकार ने समय सीमा बढ़ाई।
  • केवल दो दिन बढ़ाने से समस्या हल नहीं होगी।

उन्होंने धान खरीदी की अवधि कम से कम 15 दिन बढ़ाने की मांग की।


📌 नक्सलवाद खत्म करने के दावे पर प्रतिक्रिया

सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सल समस्या खत्म करने के दावे पर बैज ने कहा कि—

  • सरकार को सही आकलन करना चाहिए।
  • मार्च 2026 तक इंतजार करना चाहिए, तभी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

📌 राहुल गांधी और बृजमोहन अग्रवाल मुलाकात पर बयान

राहुल गांधी और भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की तस्वीर वायरल होने पर बैज ने कहा—

  • कांग्रेस एक अनुशासित पार्टी है।
  • संसद में नेताओं के बीच मुलाकात लोकतांत्रिक परंपरा है।
  • उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नाकामियों पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
  • बृजमोहन अग्रवाल वरिष्ठ नेता हैं, राजनीतिक विरोधी हो सकते हैं लेकिन दुश्मन नहीं।

📌 आगे क्या

कवासी लखमा को जमानत मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति और तेज होने की संभावना है। शराब घोटाले की जांच और अदालत की प्रक्रिया अभी जारी रहेगी, वहीं सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहने की संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button