‘गगनवीर’ शुभांशु शुक्ला का रायपुर दौरा: क्यों है खास

एक्सिओम-4 मिशन में पायलट की भूमिका निभा चुके और अशोक चक्र से सम्मानित अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला मंगलवार को पहली बार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे।
यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि:
- मिशन के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ प्रवास है
- वे नवा रायपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राखी में
👉 ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे

🛰️ ‘अंतरिक्ष संगवारी’ क्या है?
‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम का उद्देश्य:
- बच्चों में विज्ञान और अंतरिक्ष तकनीक के प्रति रुचि पैदा करना
- स्कूल स्तर पर स्पेस एजुकेशन को बढ़ावा देना
- छात्रों को यह समझाना कि
- अंतरिक्ष विज्ञान में करियर कैसे बनाया जाए
- इसके लिए कौन-सी पढ़ाई और तैयारी जरूरी है
शुभांशु शुक्ला ने कहा:
“यह बहुत अच्छा है कि बच्चों को विज्ञान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह न सिर्फ बच्चों, बल्कि देश के लिए भी लाभदायी होगा।”
📚 “मध्य भारत में स्पेस एजुकेशन की कमी” – बड़ा बयान
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एक अहम मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा:
- मध्य भारत में स्पेस शिक्षा की भारी कमी है
- बच्चों को सही समय पर जानकारी नहीं मिलती
- जानकारी मिलेगी तो बच्चे
- अपना करियर सही दिशा में चुन सकेंगे
- जान पाएंगे कि वैज्ञानिक बनने के लिए क्या पढ़ना चाहिए
यह बयान साफ संकेत देता है कि:
👉 छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में स्पेस एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है।
💰 अंतरिक्ष बजट पर सरकार की तारीफ
केंद्रीय बजट में अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बढ़े आवंटन को लेकर शुभांशु शुक्ला ने सरकार की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा:
“यह हमारे लिए बहुत बड़ा पुश है। सरकार चाहती है कि स्पेस मिशन प्लान सफल हो। जब सरकार ऐसा सहयोग करती है तो हम और मेहनत से काम करते हैं।”
इसका मतलब:
- गगनयान जैसे मिशनों को दीर्घकालिक समर्थन
- ISRO और मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को स्थिर फंडिंग
- भारत का लक्ष्य—स्पेस पावर बनना
👨✈️ कौन हैं ‘गगनवीर’ शुभांशु शुक्ला?
संक्षेप में उनका प्रेरणादायक सफर👇
- 🏠 मूल निवासी: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
- 📘 शिक्षा:
- 12वीं के बाद NDA प्रवेश परीक्षा पास
- NDA से ग्रेजुएशन
- ✈️ करियर:
- 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल
- 🛰️ अंतरिक्ष यात्रा:
- 2019 में गगनयान मिशन के लिए चयन
- एक्सिओम-4 मिशन में पायलट की भूमिका
- 🏅 सम्मान:
- 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा अशोक चक्र से सम्मानित
- 🚀 भविष्य:
- 2027 में लॉन्च होने वाले गगनयान मिशन के लिए चयनित 4 पायलट्स में शामिल
🌟 छत्तीसगढ़ के लिए क्या मायने रखता है यह दौरा?
- छात्रों को रोल मॉडल मिला
- विज्ञान और स्पेस में करियर के लिए नई प्रेरणा
- राज्य में स्पेस एजुकेशन की शुरुआत को गति
- ‘अंतरिक्ष संगवारी’ जैसे कार्यक्रमों से
👉 ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चे भी जुड़ेंगे
✨ निष्कर्ष
शुभांशु शुक्ला का रायपुर आगमन सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि
👉 भविष्य के वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्रेरणा की उड़ान है।



