बजट 2026-27 के कुछ बड़े प्रस्ताव…

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने महिला सशक्तिकरण और राज्यों की वित्तीय मजबूती को लेकर दो अहम और दूरगामी प्रस्ताव रखे हैं, जिनका असर देशभर में साफ तौर पर देखने को मिलेगा।
👧 हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल का प्रस्ताव
बजट में देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य—
- महिला शिक्षा को बढ़ावा देना, खासकर ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में
- पढ़ाई के लिए बाहर जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराना
- ड्रॉपआउट दर को कम करना और उच्च शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाना
सरकार का मानना है कि सुरक्षित आवास की व्यवस्था होने से लड़कियां बिना डर के स्कूल, कॉलेज और प्रोफेशनल कोर्सेज़ में दाखिला ले सकेंगी। यह कदम बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं को और मजबूती देगा।

💰 राज्यों को टैक्स शेयर पर बड़ी राहत
केंद्र सरकार ने एक बड़ा और भरोसेमंद फैसला लेते हुए यह तय किया है कि
राज्यों को मिलने वाला टैक्स शेयर 41%
अगले पांच वर्षों (2026-31) तक बरकरार रहेगा।
इस फैसले के तहत—
- राज्यों को केंद्र से मिलने वाले कर राजस्व में स्थिरता और भरोसा मिलेगा
- राज्यों की वित्तीय योजना और बजट प्रबंधन आसान होगा
- विकास कार्यों, सामाजिक योजनाओं और बुनियादी ढांचे पर निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी
- केंद्र–राज्य संबंधों में सहयोग और संतुलन मजबूत होगा
विशेषज्ञों के अनुसार, टैक्स शेयर को स्थिर रखना राज्यों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे वे
- शिक्षा,
- स्वास्थ्य,
- सड़क,
- सिंचाई,
- और रोजगार
जैसे क्षेत्रों में लंबी अवधि की योजनाएं बना सकेंगे।
📌 बजट का साफ संदेश
इन दोनों प्रस्तावों से सरकार का संदेश स्पष्ट है कि
- महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा राष्ट्रीय प्राथमिकता है
- और राज्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ही समग्र विकास संभव है
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 के ये प्रस्ताव सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संघीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।
- बजट में हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है जिससे महिला शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि राज्यों को दिया जाने वाला टैक्स शेयर 41 % पर अगले पाँच वर्षों (2026-31) तक सुरक्षित रहेगा, जिससे राज्यों के वित्तीय संसाधन मजबूत होंगे।



