बिज़नेस (Business)

चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक क्रैश: निवेशकों में हड़कंप

कमोडिटी मार्केट में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है।
जिस चांदी ने बीते हफ्तों में रॉकेट जैसी तेजी दिखाई थी, वही चांदी अब एक झटके में औंधे मुंह गिर गई

  • 📉 सिर्फ 24 घंटे में करीब 96,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट
  • 📉 अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 24% टूट चुकी है
  • 📉 भाव गिरकर लगभग 3 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास आ गए

इतनी तेज गिरावट ने नए और पुराने—दोनों तरह के निवेशकों को झकझोर कर रख दिया है।


🟡 सोने में भी गिरावट, बाजार में डर का माहौल

यह गिरावट सिर्फ चांदी तक सीमित नहीं रही।

  • सोने के वायदा भाव भी करीब 9% तक टूटते दिखे
  • इससे साफ है कि पूरे प्रेशियस मेटल सेगमेंट में दबाव है

निवेशक अब यह सवाल पूछ रहे हैं—

क्या चांदी 1980 जैसे काले दौर को दोहराने जा रही है?


⏳ 1980 की ‘हंट ब्रदर्स’ कहानी: जब चांदी ने सबको रुला दिया था

मार्केट एक्सपर्ट्स इस गिरावट की तुलना 1980 की ऐतिहासिक तबाही से कर रहे हैं, जिसे आज भी
👉 ‘सिल्वर थर्सडे’ के नाम से जाना जाता है।

👥 कौन थे हंट ब्रदर्स?

  • अमेरिका के अरबपति भाई
    • हर्बर्ट हंट
    • बंकर हंट
  • इन्होंने 1970 के दशक में चांदी को सेफ हेवन समझकर खरीदना शुरू किया

🎯 हंट ब्रदर्स का ‘सिल्वर गेम’ क्या था?

1971 के बाद—

  • अमेरिका ने गोल्ड स्टैंडर्ड खत्म कर दिया
  • डॉलर कमजोर हुआ
  • महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी

इसी माहौल में हंट ब्रदर्स ने—

  • भारी मात्रा में फिजिकल सिल्वर खरीदी
  • बड़े पैमाने पर फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स भी ले लिए

👉 1973 से 1979 के बीच:

  • दुनिया की कुल चांदी सप्लाई का करीब एक-तिहाई हिस्सा उनके कंट्रोल में चला गया

📈 नतीजा:

  • 1973 में चांदी: 1.95 डॉलर/औंस
  • जनवरी 1980 में: करीब 50 डॉलर/औंस

⚠️ 27 मार्च 1980: ‘सिल्वर थर्सडे’

जब अमेरिकी रेगुलेटर्स को यह मैनिपुलेशन समझ आया—

  • नियम सख्त कर दिए गए
  • मार्जिन बढ़ा दिया गया
  • नए सौदे करने पर रोक लग गई

📉 नतीजा:

  • एक ही दिन में चांदी 50% गिर गई
  • भाव 11 डॉलर/औंस से नीचे आ गया
  • हजारों निवेशक पूरी तरह बर्बाद हो गए

इसी दिन को इतिहास में ‘सिल्वर थर्सडे’ कहा जाता है।


📉 आज चांदी क्यों गिरी? असली वजहें क्या हैं?

1️⃣ रिकॉर्ड स्तर पर मुनाफावसूली

  • चांदी एक हाई-बीटा कमोडिटी है
  • तेजी जितनी तेज होती है, गिरावट उससे भी तेज
  • निवेशकों ने ऊंचे भाव पर जमकर प्रॉफिट बुकिंग की

2️⃣ डॉलर की मजबूती

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए
    फेडरल रिजर्व चेयरमैन के नाम के ऐलान के बाद
    डॉलर मजबूत हुआ

👉 मजबूत डॉलर का सीधा असर:

  • सोना
  • चांदी
  • अन्य कीमती धातुओं की मांग पर पड़ता है

3️⃣ ओवरहाइप और लीवरेज ट्रेडिंग

  • बहुत से निवेशक उधार पैसे (लीवरेज) से ट्रेड कर रहे थे
  • गिरावट आते ही मार्जिन कॉल आई
  • मजबूरन बिकवाली बढ़ गई

😨 क्या दोहराएगा 1980 जैसा काला दौर?

👉 एक्सपर्ट्स का मानना है:

  • हालात 1980 जैसे पूरी तरह नहीं हैं
  • लेकिन इतनी तेज गिरावट खतरे की घंटी जरूर है

आज का बाजार:

  • ज्यादा रेगुलेटेड है
  • डेटा ज्यादा ट्रांसपेरेंट है

फिर भी—

जो निवेशक बिना रिस्क मैनेजमेंट के कूदे हैं, उनके लिए यह क्रैश बेहद दर्दनाक साबित हो सकता है।


🧠 निवेशकों के लिए सबक

✔ चांदी में निवेश हमेशा लॉन्ग-टर्म सोच के साथ करें
✔ ऑल-टाइम हाई पर अंधाधुंध खरीदारी से बचें
✔ लीवरेज ट्रेडिंग में खास सतर्कता जरूरी
✔ पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन रखें


✨ निष्कर्ष

चांदी का यह क्रैश—

  • सिर्फ कीमतों की कहानी नहीं
  • बल्कि मार्केट साइकोलॉजी, लालच और डर की कहानी है

इतिहास गवाह है—

जो निवेशक जोखिम को नजरअंदाज करते हैं, बाजार उन्हें सबक सिखा देता है।

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