Gold–Silver Price Record: सोना 1.59 लाख के पार, चांदी 3.42 लाख पहुंची, जनवरी में ही सिल्वर 1.12 लाख महंगी

देश में सोना और चांदी की कीमतों ने 27 जनवरी 2026 को अब तक का ऑल टाइम हाई स्तर छू लिया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, महज एक दिन में सोना करीब 5 हजार रुपये और चांदी लगभग 25 हजार रुपये महंगी हो गई है। जनवरी के सिर्फ 27 दिनों में ही चांदी ने ऐसा उछाल मारा है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है।

📈 आज के ताज़ा रेट (27 जनवरी 2026)
🪙 सोना (24 कैरेट)
- कीमत: ₹1,59,027 प्रति 10 ग्राम
- एक दिन में बढ़त: ₹4,717
- पहले रेट: ₹1,54,310 प्रति 10 ग्राम
🥈 चांदी
- कीमत: ₹3,42,507 प्रति किलो
- एक दिन में बढ़त: ₹24,802
- पहले रेट: ₹3,17,705 प्रति किलो
📊 जनवरी में कितनी महंगी हुई सोना–चांदी?
🥈 चांदी
- 31 दिसंबर 2025: ₹2,30,420 प्रति किलो
- 27 जनवरी 2026: ₹3,42,507 प्रति किलो
- कुल बढ़त: ₹1,12,087 (सिर्फ 27 दिनों में)
🪙 सोना
- 31 दिसंबर 2025: ₹1,33,195 प्रति 10 ग्राम
- 27 जनवरी 2026: ₹1,59,027 प्रति 10 ग्राम
- कुल बढ़त: ₹25,832
यानी नए साल की शुरुआत से ही कीमती धातुओं ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है।
🔍 सोने की कीमत बढ़ने के 3 बड़े कारण
1️⃣ वैश्विक तनाव और ग्रीनलैंड विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर दावेदारी और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियों से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे माहौल में निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सेफ हेवन यानी सोने में निवेश कर रहे हैं।
2️⃣ रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी
- डॉलर के मुकाबले रुपया 91.10 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है।
- चूंकि भारत में सोने का आयात डॉलर में होता है, इसलिए रुपये के कमजोर होते ही सोना महंगा हो जाता है।
- LKP सिक्योरिटीज के विशेषज्ञ जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, रुपये की गिरावट ने घरेलू बाजार में सोने की कीमत को और ऊपर धकेल दिया।
3️⃣ सेंट्रल बैंकों की भारी खरीद
- दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार अपने गोल्ड रिज़र्व बढ़ा रहे हैं।
- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2025 के बाद 2026 की शुरुआत में भी खरीदारी तेज बनी हुई है, जिससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
🥈 चांदी की कीमत बढ़ने के 3 बड़े कारण
1️⃣ इंडस्ट्रियल डिमांड में उछाल
- सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
- ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ते कदमों से सिल्वर की मांग लगातार ऊपर जा रही है।
2️⃣ ट्रंप के टैरिफ का डर
- अमेरिकी कंपनियां संभावित टैरिफ से बचने के लिए पहले ही बड़ी मात्रा में चांदी स्टॉक कर रही हैं।
- इससे ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बढ़ा और कीमतें उछल गईं।
3️⃣ उत्पादन में रुकावट का अंदेशा
- भविष्य में सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते कंपनियां पहले ही चांदी खरीद रही हैं, जिससे कीमतें और तेज हुई हैं।
🔮 आगे कितना महंगा हो सकता है सोना–चांदी?
मार्केट एक्सपर्ट और रिसर्च हेड डॉ. रेनिशा चैनानी के मुताबिक—
- अगर अमेरिका के टैरिफ विवाद और मिडिल ईस्ट का तनाव बढ़ता है, तो
- सोना 2026 में ₹1,90,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है
- चांदी ₹4,00,000 प्रति किलो का स्तर छू सकती है
📝 निवेशकों के लिए क्या संकेत?
✔️ अनिश्चित वैश्विक माहौल में सोना–चांदी सेफ निवेश बने हुए हैं
✔️ शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत
✔️ ज्वैलरी खरीदारों के लिए महंगाई बढ़ी, निवेशकों को फायदा
👉 निष्कर्ष:
2026 की शुरुआत सोना और चांदी के लिए ऐतिहासिक साबित हो रही है। जिस रफ्तार से कीमतें बढ़ी हैं, उसने बाजार की दिशा साफ कर दी है—अनिश्चितता जितनी बढ़ेगी, कीमती धातुओं की चमक उतनी ही तेज होगी।



