जगदलपुर

3 लाख दीयों से जगमगाया ऐतिहासिक दलपत सागर

दीपोत्सव में दिखा आस्था, स्वच्छता और पर्यटन विकास का संगम

जगदलपुर (बस्तर) — बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में रविवार की शाम एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब ऐतिहासिक दलपत सागर 3 लाख दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। अवसर था नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा आयोजित भव्य ‘दीपोत्सव’, जिसने पूरे शहर को दीपावली जैसे उत्सवमय माहौल में बदल दिया।

इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। हजारों की संख्या में शहरवासी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और युवा इस आयोजन के साक्षी बने।


🇮🇳 ‘वंदे मातरम’ और 🧹 ‘स्वच्छता’ की थीम रही खास

इस वर्ष का दीपोत्सव खास तौर पर
“एक दीया स्वच्छता के नाम और एक दीया वंदे मातरम के नाम”
थीम पर आधारित रहा।

  • कार्यक्रम की शुरुआत रानी घाट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई
  • डिप्टी सीएम अरुण साव और नगर निगम महापौर संजय पांडे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन किया
  • वंदे मातरम की 150वीं जयंती के अवसर पर सामूहिक गायन हुआ, जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया

देशभक्ति गीतों और दीपों की रोशनी ने दलपत सागर के घाटों को अद्भुत दृश्य में बदल दिया।


💬 डिप्टी सीएम अरुण साव का बड़ा बयान

“दलपत सागर बनेगा बस्तर का प्रमुख पर्यटन केंद्र”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जगदलपुरवासियों को बधाई दी और कहा—

“दलपत सागर को संवारने का जो बीड़ा जनता ने उठाया है, उसके सुखद परिणाम अब दिखने लगे हैं। राज्य सरकार इसके कायाकल्प के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने जानकारी दी कि
👉 मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत
👉 10 करोड़ रुपये दलपत सागर के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत किए गए हैं।


🏗️ जल्द शुरू होगा कायाकल्प प्रोजेक्ट

डिप्टी सीएम ने बताया कि—

  • सौंदर्यीकरण परियोजना का टेंडर पूरा हो चुका है
  • जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा
  • परियोजना पूरी होने के बाद
    • दलपत सागर
    • बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्यटन आकर्षण बनेगा

इससे स्थानीय रोजगार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


🎆 आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान

दीयों की कतारों के बीच दलपत सागर के तट पर भव्य आतिशबाजी भी की गई, जिसने उत्सव को और यादगार बना दिया। रोशनी, रंग और संगीत के संगम ने पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।


🤝 स्वच्छता का लिया गया संकल्प

लगातार पांचवें वर्ष आयोजित इस दीपोत्सव में—

  • हजारों नागरिकों ने भाग लिया
  • लोगों ने न केवल दीप जलाए
  • बल्कि दलपत सागर को स्वच्छ और संरक्षित रखने का संकल्प भी लिया

नगर निगम और प्रशासन की इस पहल को नागरिकों ने खुले दिल से सराहा।


✨ निष्कर्ष

दलपत सागर का यह दीपोत्सव सिर्फ एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि—

  • स्वच्छता अभियान
  • देशभक्ति की भावना
  • और पर्यटन विकास की मजबूत नींव

का प्रतीक बनकर उभरा है।
अगर सौंदर्यीकरण की योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में दलपत सागर बस्तर की पहचान और पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button