राजनीति

SIR विवाद: फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर चरणदास महंत का बड़ा आरोप, निर्वाचन आयोग से तत्काल रोक की मांग..

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025 में निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू की थी।
इसका उद्देश्य था—

  • मतदाता सूची की शुद्धता
  • फर्जी, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना
  • लोकतंत्र को अधिक पारदर्शी बनाना

डॉ. चरणदास महंत के अनुसार, यदि यह प्रक्रिया निष्पक्ष रहती तो स्वागत योग्य थी, लेकिन अब इसके दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।


2️⃣ फॉर्म-7 क्या होता है?

  • फॉर्म-7 का उपयोग किसी मतदाता का नाम विलोपित (Delete) करने के लिए किया जाता है
  • कारण जैसे:
    • व्यक्ति अब उस पते पर नहीं रहता
    • स्थायी रूप से कहीं और चला गया
    • मृत्यु हो गई

⚠️ समस्या यह है कि कोई भी व्यक्ति शिकायतकर्ता बनकर फॉर्म-7 भर सकता है, और आरोप है कि बिना ठोस जांच के नाम काटे जा रहे हैं।


3️⃣ डॉ. चरणदास महंत के मुख्य आरोप

🔴 (क) सुनियोजित राजनीतिक साजिश

  • महंत का आरोप है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक कर रणनीति बनाई
  • लक्ष्य:
    👉 ऐसे मतदाताओं की पहचान जो भाजपा के समर्थक नहीं हैं
    👉 उनके नाम मतदाता सूची से कटवाना

🔴 (ख) बड़े पैमाने पर नाम कटवाने की योजना

  • एक व्यक्ति को 5 फॉर्म-7 भरने की अनुमति
  • हर बूथ से 200 नाम हटाने का लक्ष्य
  • इस तरह:
    • प्रत्येक विधानसभा से लगभग 20,000 मतदाता
    • खासकर वर्ग विशेष / समुदाय विशेष को निशाना बनाया जा रहा है

4️⃣ भाजपा कार्यालय से फॉर्म भेजने का आरोप

  • महंत का दावा:
    • रायपुर स्थित भाजपा कार्यालय से फॉर्म-7 भेजे जा रहे हैं
    • बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को:
      • ब्लैंक फॉर्म
      • न्यूनतम 100 नाम कटवाने का ‘अघोषित लक्ष्य’
  • निर्देश:
    • यह सुनिश्चित किया जाए कि वह मतदाता भाजपा का समर्थक न हो

5️⃣ प्रशासन की भूमिका पर सवाल

डॉ. महंत का कहना है कि:

  • केवल एक शिकायत के आधार पर
  • बिना घर-घर सत्यापन
  • बिना मतदाता को सुनवाई का मौका दिए
    नाम काटने की तैयारी की जा रही है

उन्होंने कहा—

“यह वोटर लिस्ट की सफाई नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट का सफाया है।”


6️⃣ लोकतंत्र पर खतरे की चेतावनी

डॉ. महंत ने इसे बताया:

  • लोकतंत्र-विरोधी
  • असंवैधानिक
  • चुनाव की निष्पक्षता पर हमला

उनका कहना है:

  • मताधिकार डराकर या छल से नहीं छीना जा सकता
  • आज अगर चुपचाप नाम काटे गए
    👉 तो कल चुनाव परिणामों की वैधता पर सवाल उठेंगे

7️⃣ निर्वाचन आयोग से मांग

डॉ. चरणदास महंत ने निर्वाचन आयोग से मांग की है:
✔️ फॉर्म-7 की प्रक्रिया पर तत्काल रोक
✔️ सभी मामलों की निष्पक्ष जांच
✔️ बिना ठोस प्रमाण किसी भी मतदाता का नाम न काटा जाए
✔️ लोकतंत्र की पवित्रता और निष्पक्षता की रक्षा की जाए


निष्कर्ष

यह मामला सिर्फ मतदाता सूची का नहीं, बल्कि—

  • लोकतंत्र
  • संविधान
  • नागरिक अधिकार
  • और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़ा है

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