छत्तीसगढ़

धमतरी में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता

IG के सामने 9 हार्डकोर नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, ₹47 लाख का था इनाम

धमतरी जिले में नक्सल विरोधी अभियान को आज एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय और खूंखार माने जा रहे 9 हार्डकोर नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण आईजी अमरेश मिश्रा और धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार के समक्ष किया गया।

इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जो इस सरेंडर को और भी अहम बनाता है।


👥 आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या और प्रोफाइल

  • 🔴 कुल नक्सली: 9
  • 👩 महिला नक्सली: 5
  • 👨 पुरुष नक्सली: 4

ये सभी नक्सली लंबे समय से
सीतानदी क्षेत्र, नगरी, मैनपुर और गोबरा इलाके में सक्रिय थे और
कई नक्सली वारदातों, हथियारबंद गतिविधियों और सुरक्षा बलों पर हमलों में शामिल रहे हैं।


🏴‍☠️ संगठन में ऊंचे पदों पर थे तैनात

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली
प्रतिबंधित माओवादी संगठन की ओडिशा स्टेट कमेटी के अंतर्गत
धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़े हुए थे।

इनमें शामिल थे—

  • DVCM (डिवीजनल कमेटी मेंबर)
  • ACM (एरिया कमेटी मेंबर)
  • SDC / एरिया कमांडर
  • डिप्टी कमांडर

यानी ये केवल फुट सोल्जर नहीं, बल्कि संगठन की रीढ़ माने जाने वाले कैडर थे।


🧾 आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की सूची

  1. ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा
    • DVCM, सीतानदी एरिया कमेटी सचिव
    • ₹8 लाख इनामी
  2. उषा उर्फ बालम्मा
    • DVCM टेक्निकल (DGN)
    • ₹8 लाख इनामी
  3. रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु
    • पूर्व गोबरा LOS कमांडर
    • वर्तमान नगरी ACM
    • ₹5 लाख इनामी
  4. रोनी उर्फ उमा
    • सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर
    • ₹5 लाख इनामी
  5. निरंजन उर्फ पोदिया
    • सीनापाली SCM टेक्निकल (DGN)
    • ₹5 लाख इनामी
  6. सिंधु उर्फ सोमड़ी
    • ACM
    • ₹5 लाख इनामी
  7. रीना उर्फ चिरो
    • ACM, सीनापाली एरिया कमेटी / LGS
    • ₹5 लाख इनामी
  8. अमीला उर्फ सन्नी
    • ACM / मैनपुर LGS
    • ₹5 लाख इनामी
  9. लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती
    • उषा की बॉडीगार्ड
    • ₹1 लाख इनामी

🔫 आत्मसमर्पण के दौरान सौंपे गए हथियार

नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार और सामग्री सौंपी—

  • INSAS राइफल – 02
  • SLR राइफल – 02
  • कार्बाइन – 01
  • भरमार बंदूक – 01
  • कुल राउंड – 67
  • मैगजीन – 11
  • वॉकी-टॉकी (रेडियो सेट) – 01
  • अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री

👉 यह साफ करता है कि ये नक्सली पूरी तरह सशस्त्र और सक्रिय थे।


🛡️ पुलिस दबाव और पुनर्वास नीति का असर

इस आत्मसमर्पण के पीछे प्रमुख कारण रहे—

  • धमतरी पुलिस
  • डीआरजी (DRG)
  • राज्य पुलिस बल
  • सीआरपीएफ

द्वारा चलाए जा रहे लगातार सर्च ऑपरेशन और नक्सल विरोधी अभियान

साथ ही शासन की
👉 आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति
👉 आर्थिक सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास का भरोसा
ने भी नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।


📢 जनजागरूकता अभियानों की बड़ी भूमिका

पुलिस द्वारा—

  • दूरस्थ गांवों में पोस्टर-बैनर
  • पाम्फलेट वितरण
  • पहले आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की अपील
  • सिविक एक्शन प्रोग्राम
  • युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताएं

चलाकर लगातार संदेश दिया जा रहा था कि
हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना ही बेहतर रास्ता है।


🧠 “खोखली विचारधारा से हुआ मोहभंग”

आत्मसमर्पित नक्सलियों ने खुद बताया कि—

  • संगठन की विचारधारा खोखली है
  • जंगलों में जीवन बेहद कठिन और असुरक्षित है
  • शासन की पुनर्वास सुविधाएं भरोसेमंद हैं
  • पहले सरेंडर कर चुके साथी अब सुरक्षित और बेहतर जीवन जी रहे हैं

इसी से प्रेरित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।


🗣️ IG अमरेश मिश्रा का बयान

“धमतरी जिले को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में हमारा अभियान लगातार जारी रहेगा।
अन्य सक्रिय माओवादियों से भी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की जाती है।”


🔎 निष्कर्ष

  • यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी कामयाबी है
  • हार्डकोर और इनामी नक्सलियों का सरेंडर सुरक्षा बलों की रणनीति की सफलता दिखाता है
  • आने वाले समय में इससे धमतरी और आसपास के क्षेत्रों में नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ेगा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button