
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर लगातार सफलता मिलने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य में नक्सलियों के सरेंडर और सुरक्षा बलों की सक्रिय कार्रवाइयों के बीच राजनीतिक मोर्चे पर तकरार देखने को मिल रही है।
नक्सल उन्मूलन की वर्तमान स्थिति
- सुरक्षा बलों ने माओवादी नक्सलियों की मांद में घुसकर कई बड़े लीडरों को न्यूट्रलाइज किया है।
- सरकार की पुनर्वास योजनाओं के कारण माओवादी लगातार सरेंडर कर रहे हैं।
- डिप्टी सीएम अरुण साव के अनुसार, आने वाले कुछ समय में बस्तर क्षेत्र नक्सल मुक्त होगा।
- वे इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प का परिणाम बता रहे हैं।

राजनीतिक बयानबाजी
- कांग्रेस ने दावा किया कि नक्सल उन्मूलन में मिली सफलता उनके रोडमैप का परिणाम है, जिसे भाजपा अपनाकर काम कर रही है।
- इसके जवाब में डीसीएम अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नक्सलियों से रिश्ता निभाती रही है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के रोडमैप का नाम लेकर घोटाले हुए, विकास अवरुद्ध हुआ और नक्सलियों को खुली छूट मिली।
- डीसीएम ने कहा कि अब जब सुरक्षा बलों की कार्रवाई सफल हो रही है, तो कांग्रेस सुरक्षा बलों के कार्य पर सवाल उठाकर स्वयं श्रेय लेना चाह रही है।
कवर्धा में धान घोटाले की प्रतिक्रिया
- उप मुख्यमंत्री ने “7 करोड़ का धान चूहे खा गए” मामले का संज्ञान लेने और जांच का आश्वासन दिया।
- उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ट्राइबल गेम्स की मेजबानी
- छत्तीसगढ़ को ट्राइबल गेम्स की मेजबानी मिलने पर उप मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए सौभाग्य बताया।
- उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दे रही है, और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- ट्राइबल गेम्स से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सीधे लाभ मिलेगा और राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति और सरकार की पुनर्वास योजनाओं से माओवादी लगातार सरेंडर कर रहे हैं। वहीं, राजनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी जारी है। साथ ही, राज्य में धान घोटाले की जांच और खेलो का विकास भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।



