छत्तीसगढ़शिक्षा

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव द्वारा शिक्षा विभाग की बैठक में दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों विवरण ….


🏛️ बैठक का आयोजन

📍 स्थान: महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर
📆 आयोजन: शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक
🧑‍✈️ अध्यक्षता: श्री गजेन्द्र यादव (स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री)
👥 उपस्थित अधिकारी:

  • सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी
  • संचालक लोक शिक्षण श्री ऋतुराज रघुवंशी
  • एमडी समग्र शिक्षा श्री संजीव कुमार झा
  • अन्य विभागीय अधिकारी

🎯 मुख्य उद्देश्य

✅ शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना
✅ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना
✅ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से सभी योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना


📚 1. एकीकृत टेंडर प्रक्रिया का निर्देश

  • निर्देश: पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तकों की छपाई से लेकर वितरण व परिवहन तक को एक ही टेंडर के माध्यम से करवाया जाए।
    ✔️ उद्देश्य:
     ➔ कार्य की समयबद्धता सुनिश्चित करना
     ➔ राशि की बचत करना
     ➔ प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना

👩‍🏫 2. शिक्षकों की भर्ती और पारदर्शिता सुनिश्चित करना

  • आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
  • शिक्षकों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति ऑनलाइन एवं परिसर स्तर पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी।
    ✔️ इससे:
     ➔ जवाबदेही सुनिश्चित होगी
     ➔ पारदर्शिता बढ़ेगी

🧱 3. राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती

  • अब से सभी राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से की जाएगी।

📦 4. पाठ्यपुस्तक वितरण की समीक्षा

  • यह स्पष्ट किया जाएगा कि कितने स्थानों पर पुस्तक वितरण शेष है।
  • कितनी अतिरिक्त मांग अभी भी बची हुई है।
    ✔️ विभागीय कार्यों को जिम्मेदार संस्था के माध्यम से ही पूरा किया जाएगा।

📖 5. प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन

  • समस्त शिक्षक प्रशिक्षण अब अनिवार्य रूप से SCERT के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।
  • शिक्षक प्रशिक्षण के पश्चात एक परीक्षा आयोजित होगी, ताकि उनकी दक्षता का मूल्यांकन हो सके।
  • इसके लिए स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
  • DIET/BIET को सशक्त बनाया जाएगा।

🏫 6. भवनविहीन और तदर्थ स्कूलों की स्थिति

  • भवनविहीन स्कूलों को फुल फर्निश्ड स्कूलों के रूप में विकसित करने हेतु आवश्यक व्यय का विस्तृत अध्ययन।
  • तदर्थ स्कूलों के वित्तीय मामले पर चर्चा।
  • बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना बनाई जाएगी।

🎓 7. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कक्षाएं

  • बड़े शहरों में शासकीय भवन उपलब्धता के आधार पर NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के सहयोग से कक्षाएं आयोजित करने पर विचार।

🎯 8. शाला त्यागी बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना

  • विशेष अभियान चलाकर शाला त्यागी बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ा जाएगा।
  • शाला प्रवेश उत्सव के समय सामग्रियों का वितरण अग्रिम कार्ययोजना के अनुरूप समय पर सुनिश्चित किया जाएगा।

9. परीक्षा पश्चात प्रशिक्षण योजना

  • स्कूलों की परीक्षा समाप्त होते ही शिक्षकों का जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण प्रारंभ होगा।
  • प्रशिक्षण के बाद परीक्षा के माध्यम से उनकी दक्षता मापी जाएगी।

निष्कर्ष

श्री गजेन्द्र यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
✔️ शिक्षा विभाग की सभी योजनाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लागू की जाएं।
✔️ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
✔️ प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाए।

इस बैठक में लिए गए निर्णय और सुझाए गए कार्यों का उद्देश्य राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और शिक्षकों व स्कूल प्रणाली में जवाबदेही एवं पारदर्शिता लाना है।

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