
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां लंबे समय से फरार चल रहे नक्सली को गिरफ्तार किया गया है। आइए पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं:
🔴 कौन है गिरफ्तार नक्सली?
गिरफ्तार आरोपी का नाम मुन्ना कोरवा है, जो पिछले 13 सालों से फरार चल रहा था। वह साल 2012 से लगातार जंगलों में छिपकर पुलिस से बचता रहा।

📍 गिरफ्तारी कहां से हुई?
- आरोपी को पड़ोसी राज्य Jharkhand के
- तेहड़ी (भंडरिया क्षेत्र) से पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार किया
⚠️ क्या है पूरा मामला?
- साल 2012 में नक्सलियों ने Latehar निवासी लखू यादव को
Pundag village में बंधक बना लिया था - उसके साथ जमकर मारपीट की गई
- नक्सली दस्ता के सदस्य इकबाल यादव के निर्देश पर उसे मारने के इरादे से गोली चलाई गई
- हालांकि, लखू यादव किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला
📄 किन धाराओं में मामला दर्ज?
इस घटना के बाद Samri Path थाने में मामला दर्ज हुआ, जिसमें आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाई गईं:
- धारा 147, 148, 149 (दंगा और गैरकानूनी जमाव)
- धारा 342 (बंधक बनाना)
- धारा 395 (डकैती)
- धारा 307 (हत्या का प्रयास)
- धारा 120B (आपराधिक साजिश)
- साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज
🕵️♂️ पुलिस ने कैसे पकड़ा?
- पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मुन्ना कोरवा झारखंड में छिपा है
- इसके बाद एक विशेष टीम गठित की गई
- टीम ने झारखंड जाकर सर्च ऑपरेशन चलाया
- दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया
⚖️ आगे की कार्रवाई
- आरोपी को छत्तीसगढ़ लाकर कोर्ट में पेश किया गया
- उसके खिलाफ पहले से स्थायी वारंट जारी था
🎯 निष्कर्ष
यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि:
- आरोपी लंबे समय से फरार था
- गंभीर अपराधों में शामिल था
- अंतरराज्यीय समन्वय से कार्रवाई कर उसे पकड़ा गया
👉 इस कार्रवाई से नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।



