स्वतंत्रता संग्राम से विकसित छत्तीसगढ़ तक: टाउन हॉल में सजी वीरता, विरासत और विकास की तस्वीर…

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और राज्य की विकास यात्रा को समेटे सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों के योगदान और उनके बलिदान की गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज और सरकार की जिम्मेदारी है।

जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका, अमर सेनानियों के संघर्ष, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा के साथ-साथ राज्य में सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं, आधुनिक अधोसंरचना और विकास की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने देखी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी दुर्लभ सामग्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया। उन्होंने वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और अन्य सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने देश की स्वतंत्रता के लिए अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया। इन स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनकी राष्ट्रभक्ति और बलिदान की कहानियां आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां सिर्फ अतीत को याद करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि युवाओं को अपने इतिहास और विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण जरिया भी हैं। इतिहास से प्रेरणा लेकर युवा अपने कर्तव्यों को समझ सकते हैं और देश व प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा
प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित विशेष खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसके राष्ट्रजागरण के प्रतीक के रूप में स्थापित होने तक की पूरी यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों के भीतर राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके उद्घोष ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया।
प्रदर्शनी में इसके 150 वर्षों के सफर को विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को इसके ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।
छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की दिखाई गई गौरवगाथा
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान को विस्तार से दिखाया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज, तस्वीरें और ऐतिहासिक घटनाक्रम यहां प्रदर्शित किए गए हैं।
इन सामग्रियों के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया गया है कि स्वतंत्रता आंदोलन केवल देश के बड़े शहरों तक सीमित नहीं था, बल्कि छत्तीसगढ़ की धरती पर भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष और जनजागरण की मजबूत आवाज उठी थी।
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास और यहां हुए सामाजिक तथा राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है।
टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, वहीं टाउन हॉल रायपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण भी जरूरी है। सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और संस्कृति को करीब से समझ सकें।
महिलाओं, किसानों और युवाओं के विकास की भी झलक
प्रदर्शनी में राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे लोगों के जीवन में आए बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है।
इसमें महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे सहयोग और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को मिले पक्के घरों की तस्वीरें शामिल हैं।
इसके अलावा युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और नए अवसरों से जुड़ी योजनाओं तथा श्रमिकों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रदर्शनी में प्रमुखता दी गई है।
प्रदर्शनी के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
सुशासन और आधुनिक विकास की तस्वीर
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की मौजूदा विकास यात्रा को भी दर्शाया गया है। डिजिटल पंजीयन, प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास और शिक्षा के विस्तार जैसे विषयों को तस्वीरों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
इसके साथ ही बेहतर सड़क और रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश, रोजगार के अवसर और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी प्रदर्शित की गई है।
इस तरह प्रदर्शनी एक ही स्थान पर प्रदेश के गौरवशाली अतीत, वर्तमान उपलब्धियों और विकसित भविष्य की परिकल्पना को सामने रखती है।
एआई तकनीक से जुड़ा खास आकर्षण
प्रदर्शनी में इतिहास और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम भी देखने को मिल रहा है। एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं।
बच्चों और युवाओं के बीच यह पहल विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन विरासत से रोचक तरीके से जोड़ना है।
आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।
विजिटर डायरी और डॉक्यूमेंट्री भी खास आकर्षण
प्रदर्शनी स्थल पर विजिटर डायरी भी रखी गई है, जिसमें लोग स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को लेकर अपने विचार और अनुभव लिख सकते हैं।
इसके अलावा राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज किए और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और राज्य की विकास यात्रा को एक साथ प्रस्तुत करने का यह प्रभावी प्रयास है।
युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानने से वर्तमान के प्रति जिम्मेदारी का एहसास होता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से मिली प्रेरणा आज विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की ऊर्जा बन सकती है। अतीत की विरासत को सहेजते हुए आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ना सरकार का लक्ष्य है।
21 अगस्त तक देख सकेंगे प्रदर्शनी
कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह छायाचित्र प्रदर्शनी 15 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम, छत्तीसगढ़ के वीर नायकों, ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, सरकारी योजनाओं, सुशासन और राज्य के विकास की तस्वीरों को एक साथ देखा जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, विधायक पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर गौरव सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



