सोना-चांदी में तेज उतार-चढ़ाव, गिरावट के बाद फिर चढ़े दाम; जानें आज का लेटेस्ट रेट…

सोने और चांदी की कीमतों में आज फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में हल्की तेजी लौटी है, जिससे निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल सोने की कीमत लगभग 1,56,000 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी की कीमत करीब 2,45,449 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर बाजार खुलते ही गिरावट दर्ज की गई।
- सोना: 4,986.20 डॉलर प्रति औंस
- चांदी: 76,770 डॉलर प्रति औंस
हालांकि बाद में हल्की रिकवरी भी देखने को मिली।
घरेलू बाजार (MCX) में स्थिति
भारत में Multi Commodity Exchange of India यानी MCX पर बुधवार को कीमती धातुओं में शुरुआत में तेजी रही, लेकिन दिन के अंत तक मुनाफावसूली हावी हो गई।
- सोना पिछले सत्र में लगभग 1,55,686 रुपये पर बंद हुआ
- चांदी 2,42,520 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई
इससे साफ है कि बाजार अभी स्थिर नहीं है और ट्रेडर्स अल्पकालिक रणनीति के साथ काम कर रहे हैं।
मुनाफावसूली का असर
29 जनवरी तक सोने और चांदी में लगातार तेजी देखी गई थी।
- सोना 1,80,000 रुपये प्रति दस ग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गया था
- चांदी 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक चढ़ गई थी
इसके बाद लगभग 20 दिनों में:
- सोना करीब 24,314 रुपये टूटा
- चांदी करीब 1,77,480 रुपये गिर गई
जैसे ही कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं, बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में तेज गिरावट आई।
एक्स्ट्रा मार्जिन का फैसला और वापसी
कीमतों में असामान्य उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए
- गोल्ड फ्यूचर्स पर 3%
- सिल्वर फ्यूचर्स पर 7%
का अतिरिक्त मार्जिन लगाया गया था।
यह फैसला National Stock Exchange और MCX द्वारा लिया गया था। अब गुरुवार से यह अतिरिक्त मार्जिन हटा लिया गया है।
एक्सचेंजों ने यह कदम बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी और अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए उठाया था।
आगे क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां
- डॉलर इंडेक्स की चाल
- जियोपॉलिटिकल तनाव
- केंद्रीय बैंकों की नीतियां
इन सभी कारकों का असर सोने-चांदी पर पड़ रहा है।
फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है।




