रायगढ़ में जिंदल कोयला खदान विरोध प्रदर्शन बना हिंसक, महिला आरक्षक से बर्बरता के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल कोयला खदान के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ की गई बर्बरता के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि इस गंभीर मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान और तलाश जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

महिला आरक्षक से अभद्रता का वीडियो आया सामने
दरअसल, इस हिंसक घटना से जुड़ा एक वीडियो चार दिन बाद सामने आया, जिसमें कुछ लोग ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीर अपराध मानते हुए जांच तेज कर दी है। एसपी दिव्यांग पटेल ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 8 दिसंबर 2025 को तमनार क्षेत्र के धौराभाठा गांव में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) के गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक को लेकर हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है।
कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से खदान के विरोध में धरने पर बैठे थे।
27 दिसंबर को हालात कैसे बिगड़े
27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे सैकड़ों ग्रामीण लिबरा चौक पर एकत्र हुए और सड़क पर बैठकर मार्ग अवरुद्ध कर दिया।
रास्ता जाम होने की सूचना पर
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व,
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस,
और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाकर धरना स्थल के टेंट में वापस भेजा।
लेकिन जिला प्रशासन के मुताबिक, आसपास के गांवों से और लोग पहुंचते गए और दोपहर तक भीड़ करीब 1000 लोगों तक पहुंच गई। घरघोड़ा के एसडीएम और पुलिस अधिकारी माइक से लगातार शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, इसके बावजूद भीड़ बार-बार सड़क पर आकर रास्ता रोकने की कोशिश करती रही।
पुलिस पर हमला, हालात बेकाबू
करीब दोपहर 2:30 बजे अचानक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई।
उग्र भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए
पत्थर और डंडों से पुलिस पर हमला कर दिया
कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हो गए
इस दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम को महिलाओं के एक समूह ने लात-घूंसे मारकर घायल कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सरकारी वाहनों और प्लांट में आगजनी
जिला प्रशासन के अनुसार, हिंसक भीड़ ने
मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आग लगा दी
कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया
इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़ गई, जहां
कन्वेयर बेल्ट,
दो ट्रैक्टर,
और अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया
प्लांट के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।
ग्रामीणों की क्या थी मांग?
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों की मुख्य मांग थी कि
➡ कोल ब्लॉक के लिए कराई गई जनसुनवाई को निरस्त किया जाए।
हिंसक घटनाओं के बाद जिंदल कंपनी प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रस्तावित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के लिए जनसुनवाई नहीं कराने का निर्णय लिया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि
महिला आरक्षक से बर्बरता
पुलिस पर हमला
सरकारी संपत्ति को नुकसान
जैसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
वीडियो, फोटो और अन्य सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।



