रायगढ़ के मंगल कार्बन प्लांट में जोरदार ब्लास्ट, 9 माह के मासूम समेत 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे…

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट ने एक गंभीर औद्योगिक हादसे का रूप ले लिया है। इस हादसे में 9 महीने के मासूम सहित 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं:
1. घटना कब और कहां हुई?
- स्थान: मंगल कार्बन प्लांट, बानीपाथर, खरसिया, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
- दिन: गुरुवार
- प्लांट का काम: पुराने टायरों को गलाकर कार्बन (Carbon) बनाना, जिसे उद्योगों में इस्तेमाल किया जाता है
यह प्लांट टायर रिसाइक्लिंग का काम करता है, जिसमें उच्च तापमान और दबाव वाली मशीनों का उपयोग होता है।

2. हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार:
- प्लांट में पुराने टायरों को बॉयलर में गलाने की प्रक्रिया चल रही थी
- अचानक बॉयलर के अंदर दबाव (Pressure) बहुत ज्यादा बढ़ गया
- इसके बाद जोरदार धमाका (Blast) हुआ
- धमाके के साथ ही गर्म गैस, आग और धुआं बाहर निकला
- आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए
धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
3. कितने लोग घायल हुए और उनकी हालत कैसी है?
इस हादसे में कुल 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें:
- 1 नौ महीने का मासूम बच्चा
- 7 मजदूर
डॉक्टरों के अनुसार:
- कई मजदूर 70% से 80% तक झुलस गए हैं
- सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है
- मासूम बच्चे की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक है
4. मासूम बच्चा प्लांट में कैसे पहुंचा?
यह सबसे बड़ा और गंभीर सवाल बन गया है:
- प्लांट जैसे खतरनाक औद्योगिक क्षेत्र में बच्चे का होना सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाता है
- संभावना है कि बच्चा किसी मजदूर का था और वह अपने परिवार के साथ प्लांट परिसर में मौजूद था
यह प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
5. हादसे के बाद क्या कार्रवाई हुई?
घटना की सूचना मिलते ही:
- पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची
- प्लांट परिसर को सील कर दिया गया
- घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया
- तकनीकी और फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई
6. हादसे के संभावित कारण
प्रारंभिक जांच में कुछ संभावित कारण सामने आए हैं:
(1) बॉयलर में अत्यधिक दबाव
- मशीन में दबाव ज्यादा बढ़ने से विस्फोट हो सकता है
(2) तकनीकी खराबी
- मशीन या सेफ्टी वाल्व में खराबी
(3) सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होना
- पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होना
- नियमित जांच और मेंटेनेंस में लापरवाही
7. सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद कई महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं:
- क्या प्लांट में सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था?
- क्या मजदूरों को सुरक्षा उपकरण दिए गए थे?
- क्या बॉयलर की नियमित जांच की जा रही थी?
- खतरनाक क्षेत्र में बच्चा कैसे पहुंचा?
8. प्लांट प्रबंधन पर हो सकती है कार्रवाई
अधिकारियों ने कहा है कि:
- यदि जांच में प्लांट प्रबंधन की लापरवाही साबित होती है,
- तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
- प्लांट का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है
9. टायर रिसाइक्लिंग प्लांट में खतरा क्यों ज्यादा होता है?
टायर रिसाइक्लिंग में:
- बहुत अधिक तापमान
- गैस और केमिकल
- हाई-प्रेशर मशीनें
का इस्तेमाल होता है, जिससे दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
निष्कर्ष
रायगढ़ के मंगल कार्बन प्लांट में हुआ यह ब्लास्ट एक गंभीर औद्योगिक हादसा है, जिसमें 9 महीने के मासूम सहित 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा सुरक्षा मानकों और प्लांट प्रबंधन की जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।



