यूपी सरकार का बड़ा कदम – बासमती चावल पर 11 पेस्टिसाइड्स पर 60 दिन का प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और उपभोक्ताओं से जुड़े एक बड़े कृषि निर्णय की घोषणा की है। राज्य सरकार ने बासमती चावल की गुणवत्ता और वैश्विक मानकों को ध्यान में रखते हुए 11 पेस्टिसाइड्स पर 60 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?
बासमती चावल भारत का एक प्रमुख निर्यात उत्पाद है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में इसकी गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे थे।
कई देशों ने चावल में पेस्टिसाइड की अधिक मात्रा पाए जाने पर आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।
इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
किसानों और उपभोक्ताओं को लाभ
प्रतिबंध से किसानों को वैश्विक बाज़ार में बेहतर कीमत मिल सकेगी।
उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य के लिहाज़ से सुरक्षित चावल उपलब्ध होगा।
लंबे समय में यह कदम भारतीय बासमती की अंतरराष्ट्रीय पहचान और ब्रांड वैल्यू को मजबूत करेगा।
कृषि विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि—
यह पहल सिर्फ़ गुणवत्ता सुधार नहीं, बल्कि किसानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिकाए रखने की तैयारी है।
हालांकि, इसके लिए सरकार को किसानों को वैकल्पिक जैविक या कम हानिकारक कीटनाशक उपलब्ध कराने होंगे।
आगे क्या?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 60 दिन का यह प्रतिबंध प्रायोगिक अवधि है। इसके बाद समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।