शिक्षा

बस्तर में परीक्षा पे चर्चा, डिजिटल क्रांति के सहारे एक लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचा प्रधानमंत्री का मंत्र

जगदलपुर, 06 फरवरी 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण ने बस्तर जिले में जन-भागीदारी और तकनीकी उपयोग के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जिले में इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा गया और निर्धारित 1574 स्थानों के लक्ष्य को बहुत पीछे छोड़ते हुए कुल 2231 स्कूलों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। बस्तर के सुदूर वनांचलों से लेकर शहरी इलाकों तक, कुल 1,05,674 विद्यार्थियों ने एक साथ प्रधानमंत्री के  तनाव मुक्तश् मंत्र को सुना और परीक्षा को उत्सव की तरह मनाने का संकल्प लिया।

इस बार का आयोजन बस्तर में शिक्षा के बदलते स्वरूप और डिजिटल क्रांति की जीती-जागती मिसाल बन गया। विद्यार्थियों ने पारंपरिक माध्यमों से आगे बढ़कर तकनीक को गले लगाया। आंकड़ों के मुताबिक, सर्वाधिक 66 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने यूट्यूब के माध्यम से इस कार्यक्रम में सहभागिता की, जो यह साबित करता है कि अब बस्तर के अंदरूनी इलाकों में भी इंटरनेट और स्मार्टफोन शिक्षा के सशक्त माध्यम बन चुके हैं। डिजिटल माध्यमों के अलावा लगभग 16,500 विद्यार्थियों ने दूरदर्शन, 14,500 ने रेडियो और करीब 6,800 छात्रों ने पीएम ई-विद्या चैनलों के जरिए प्रधानमंत्री के प्रेरक शब्दों को सुना। विकासखंड स्तर पर भी होड़ देखने को मिली, जहां बस्तर विकासखंड और बकावंड में 23-23 हजार से अधिक छात्र शामिल हुए। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन जगदलपुर के ऐतिहासिक जगतू माहरा शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संपन्न हुआ। यहां कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनका मनोबल बढ़ाया। कलेक्टर ने छात्र-छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र देते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान स्वयं को अपने विषय की तैयारी के अनुरूप प्रश्न पत्र को अच्छा हल करें स वर्तमान दौर की चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करने के लिए समझाइश देते हुए कहा कि इसे  अपनी जरूरत के अनुरूप और सदुपयोग करना ही  बेहतर है स वहीं कक्षा में पूर्ण एकाग्रता और नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। छात्रों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने बताया कि वे स्वयं तीसरे प्रयास में आईएएस अधिकारी बने थे। उन्होंने समझाया कि कोई भी परीक्षा अंतिम नहीं होती, इसलिए असफलता से डरने के बजाय निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। प्रधानमंत्री के संवाद और कलेक्टर के प्रेरक उद्बोधन ने विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास की नई चमक बिखेर दी। इस आयोजन की सार्थकता केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बस्तर, भानपुरी और बड़े किलेपाल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण जुटे रहे। जगतू माहरा शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री राकेश तिवारी, सदस्य श्री अखिलेश मिश्रा, श्री मनीष पारख, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक श्री अशोक पांडे और संस्था के प्राचार्य श्री बीएस राजकुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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