
वा रायपुर अब जल्द ही एक नए अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आकर्षण का केंद्र बनेगा। राज्य सरकार ने यहां विश्वस्तरीय फिश एक्वेरियम हाउस बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

मछलीपालन विभाग ने कार्ययोजना तैयार की।
अधिकारी चंडीगढ़, गुजरात और अन्य राज्यों का दौरा कर मॉडल का अध्ययन करेंगे।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) उसी आधार पर बनाई जाएगी।
मंत्री का विज़न
पशुधन व मछलीपालन मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि—
यह प्रोजेक्ट पर्यटन व मत्स्य पालन दोनों क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
यहां न सिर्फ पर्यटक और मछली प्रेमी आकर्षित होंगे, बल्कि मत्स्य विज्ञान, शोध और प्रशिक्षण के नए रास्ते भी खुलेंगे।
जिलों में प्रदर्शन तालाब
प्रदेश के सभी जिलों में दो-दो फिश प्रदर्शन तालाब बनाए जाएंगे।
चिन्हांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
यहां विभिन्न प्रजातियों की मछलियां प्रदर्शित होंगी ताकि आमजन और मत्स्य पालक दोनों लाभ ले सकें।
मत्स्य पालन में छत्तीसगढ़ की पहचान
बस्तर का झींगा पालन पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है।
राज्य सरकार नीलक्रांति योजना, फिनफिश हैचरी, मत्स्य बीज उत्पादन, केज कल्चर और तेलपिया पालन को बढ़ावा दे रही है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि World Class Fish Aquarium House बनने से—
नवा रायपुर टूरिज्म हब के रूप में उभरेगा।
मत्स्य किसानों की आय दोगुनी से भी अधिक बढ़ सकती है।