दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार: वादा निभाते तो जेल नहीं जाते राजपाल यादव, बेल अर्जी खारिज…

दिल्ली हाई कोर्ट में अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ चल रहे चेक बाउंस और लोन भुगतान मामले में गुरुवार को हुई सुनवाई में अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें कुछ दिन और तिहाड़ जेल में ही रहने का निर्देश दिया। यह मामला करीब डेढ़ दशक पुराना है और इसमें राजपाल पर एक बिजनेसमैन से लिया गया करोड़ों रुपये का कर्ज वापस नहीं करने का आरोप है।

कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत
दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने साफ कहा कि—
- राजपाल यादव जेल में इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने अपने ही दिए गए वादों का पालन नहीं किया।
- उन्होंने कई बार शिकायतकर्ता को पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया।
- कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
राजपाल यादव ने अदालत से अपील की थी कि उनके परिवार में शादी होने के कारण उन्हें जमानत दी जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे पर्याप्त कारण नहीं माना और याचिका खारिज कर दी।
शादी में शामिल होने के लिए मांगी थी राहत
राजपाल यादव ने अपनी बेल एप्लिकेशन में बताया था कि—
- 19 फरवरी 2026 को उनके भाई श्रीपाल यादव की बेटी (भतीजी) की शादी है।
- उन्हें शादी में चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है।
- इसी कारण उन्होंने अदालत से अस्थायी जमानत या राहत की मांग की थी।
हालांकि कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक कार्यक्रम जमानत का आधार नहीं बन सकता, खासकर जब आरोपी ने बार-बार भुगतान का वादा पूरा नहीं किया हो।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ
- सुनवाई दोपहर 2:30 बजे के बाद फिर शुरू हुई।
- राजपाल के वकील ने कहा कि उन्होंने कई बार अपने क्लाइंट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए।
- इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह मामला नया नहीं है और पहले भी कई बार इसी तरह के आश्वासन दिए गए हैं।
- कोर्ट ने दूसरे पक्ष को बेल एप्लिकेशन पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय कर दी।
इसका मतलब है कि अगली सुनवाई तक राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में ही रहना होगा।
पूरा मामला क्या है (शुरुआत से समझिए)
1. 2010 में लिया था 5 करोड़ रुपये का लोन
- राजपाल यादव ने 2010 में दिल्ली के एक बिजनेसमैन से फिल्म बनाने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
- फिल्म बनी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई।
2. पैसे वापस नहीं करने पर चेक बाउंस केस
- फिल्म फ्लॉप होने के बाद बिजनेसमैन ने पैसा वापस मांगा।
- राजपाल द्वारा दिए गए चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद उनके खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज किया गया।
3. 2018 में ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया
- 2018 में मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी मानते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई।
4. 2019 में सेशन कोर्ट ने भी सजा बरकरार रखी
- राजपाल ने फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन
- सेशन कोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।
5. बार-बार भुगतान का आश्वासन, लेकिन पैसा नहीं दिया
- इसके बाद राजपाल यादव ने कई बार कोर्ट और शिकायतकर्ता से कहा कि वे पैसा चुका देंगे।
- लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण मामला लंबा खिंचता गया।
6. 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल गए
- आखिरकार राजपाल यादव ने पैसे नहीं होने की बात कहते हुए सरेंडर कर दिया।
- उन्हें 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
आगे क्या होगा
- इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
- अगर राजपाल यादव भुगतान करने की ठोस योजना पेश करते हैं या कोर्ट संतुष्ट होता है, तो उन्हें राहत मिल सकती है।
- अन्यथा उन्हें सजा पूरी करनी पड़ सकती है या जेल में और समय बिताना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अदालत के आदेश और दिए गए वादों का पालन करना जरूरी है। सिर्फ आश्वासन देने से राहत नहीं मिलती। राजपाल यादव को अब या तो भुगतान करना होगा या कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल में रहना पड़ेगा।



