चुनाव आयोग पर बयानबाज़ी को लेकर राजनीति गरमाई – बीजेपी का राहुल और तेजस्वी पर हमला

बिहार में चल रही राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। जहाँ राहुल गांधी और तेजस्वी यादव चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” को संस्थागत बनाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए दोनों नेताओं पर चुनाव आयोग को बदनाम करने का आरोप लगाया है।
बीजेपी का पलटवार

भाजपा नेताओं ने कहा है कि—
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिना किसी ठोस प्रमाण के आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।
यह सीधा-सीधा लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख को धूमिल करने की कोशिश है।
विपक्ष जनता को गुमराह करने के लिए आयोग पर अविश्वास फैला रहा है।
राहुल-तेजस्वी का आरोप
राहुल गांधी का कहना है कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 65 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं, जो लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप लगाया है।
राजनीतिक टकराव बढ़ा
राहुल और तेजस्वी जहाँ वोटरों को सीधे जोड़कर सड़क पर माहौल बना रहे हैं, वहीं भाजपा इस अभियान को पूरी तरह बेसलेस (निराधार) बता रही है।
दोनों पक्षों की बयानबाज़ी ने बिहार की सियासत को और गरमा दिया है।
असर क्या होगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद सिर्फ़ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि 2025 के आने वाले चुनावों से पहले जनभावनाओं की जंग है।
राहुल और तेजस्वी जनता को साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं भाजपा संस्थाओं की साख बचाने और विपक्ष को घेरने की रणनीति में लगी है।